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    22 करोड़ का ओवरब्रिज पहली बारिश में सवालों के घेरे में, दरारों से गुणवत्ता पर उठे सवाल

    राजनांदगांव। जिले के ग्राम बरगा के पास दक्षिण पूर्व रेलवे द्वारा लगभग 20 से 22 करोड़ रुपये के भारी बजट से तैयार किए गए दो नवनिर्मित रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) पहली ही बारिश भी नहीं झेल पाए. इन पुलों का उद्घाटन बीते जून महीने में ही हुआ था, और अभी पखवाड़ा (15 दिन) भी पूरा नहीं हुआ है कि बरगा ओवरब्रिज पर सुबह 60 से 70 फीट लंबी भयावह दरारें उभर आईं. कुछ स्थानों पर इन दरारों की चौड़ाई 10 से 12 सेंटीमीटर तक है, जबकि कई जगहों पर चार फीट तक चौड़े गड्ढे हो गए हैं, जो इसके कमजोर बुनियादी ढांचे की ओर साफ इशारा कर रहे हैं.

    आलीवारा रेलवे ओवरब्रिज पर भी गहराया खतरा

    बरगा के साथ-साथ आलीवारा रेलवे ओवरब्रिज की हालत भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है. यहां सड़क के निचले हिस्से में खोखले गड्ढे बनने लगे हैं और पुल के किनारों की जमीन धंसने लगी है. ग्रामीणों ने बेहद नाराजगी जताते हुए कहा कि जब पहली ही बौछार में पुलों का यह हाल है, तो आगे मुख्य मानसून में यह कितने सुरक्षित रहेंगे? आक्रोशित क्षेत्रवासियों ने निर्माण कार्य में बड़ी लापरवाही का आरोप लगाते हुए संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार की जवाबदेही तय करने तथा पूरे प्रोजेक्ट की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग उठाई है.

    रेलवे इंजीनियरों ने दी 'सेटलमेंट' की दलील

    इस गंभीर तकनीकी खामी पर सफाई देते हुए रेलवे के इंजीनियरों का कहना है कि पुल पर आई दरारों के पीछे के तकनीकी कारणों का पता लगाया जाएगा. उन्होंने दावा किया कि इसमें फिलहाल किसी बड़े खतरे जैसी बात नहीं है, क्योंकि पहली बारिश के दौरान मिट्टी दबने से थोड़ा-बहुत 'सेटलमेंट' (जमीन का बैठना) होना एक सामान्य प्रक्रिया है. हालांकि, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी दल और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी.

    करोड़ों के प्रोजेक्ट पर उठे सवाल, जांच की मांग

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिन ओवरब्रिज के निर्माण से उन्हें बरसों पुराने ट्रैफिक जाम की समस्या से परमानेंट निजात मिलने की आस थी, वे पहली ही बरसात में जवाब दे गए हैं. लोगों का सीधा आरोप है कि शुरुआती दौर में ही अगर निर्माण की यह स्थिति है, तो भविष्य में इन पुलों की मजबूती और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है. ग्रामीणों ने पारदर्शी जांच होने तक इस मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है.

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