शिमला। हिमाचल प्रदेश में पर्यटन और स्थानीय परिवहन को रफ्तार देने के लिए हवाई कनेक्टिविटी का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला स्थित अपने सरकारी आवास 'ओकओवर' से कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ के बीच दैनिक हेलीकॉप्टर सेवाओं का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस पहल से अब पहाड़ी क्षेत्रों के बीच का सफर बेहद आसान और कम समय में पूरा हो सकेगा।
सफर के समय में आएगी भारी कमी, बढ़ेगा उच्च श्रेणी पर्यटन
मुख्यमंत्री ने इस हवाई सेवा की शुरुआत पर मंडी और कुल्लू के निवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन दैनिक हेलीकॉप्टर सेवाओं के शुरू होने से न केवल यात्रियों के समय की बड़ी बचत होगी, बल्कि राज्य में 'हाई-एंड' (उच्च श्रेणी) पर्यटकों का आगमन भी तेजी से बढ़ेगा। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे, जो राज्य की आर्थिकी को मजबूत करेंगे।
आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मील का पत्थर
यह हेलीकॉप्टर सेवा केवल पर्यटन और आम सफर तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि संकट के समय में एक जीवनरक्षक की भूमिका भी निभाएगी। दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए यह सेवा आपातकालीन चिकित्सा क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी।
जिला मुख्यालयों और पर्यटन स्थलों को जोड़ने का मेगा प्लान
राज्य सरकार के दूरदर्शी विजन को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के हर जिला मुख्यालय और प्रमुख पर्यटन स्थलों को हेलीपोर्ट नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है। इस योजना के तहत हमीरपुर के जसकोट, कांगड़ा के रक्कड़ व पालमपुर, और चंबा में हेलीपोर्ट का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है।
नए हेलीपोर्ट्स का विस्तार और सेना का सहयोग
कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए ऊना जिले में हेलीपोर्ट निर्माण के लिए बजट आवंटित कर दिया गया है, जबकि नाहन और सोलन में भी नए हेलीपोर्ट बनाने पर गंभीरता से विचार चल रहा है। इसके अलावा, सामरिक और पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण लाहुल-स्पीति के रंगरीक में भारतीय सेना के सहयोग से एक विशेष हेलीपोर्ट का विकास किया जा रहा है। कुल मिलाकर यह पूरी पहल हिमाचल में परिवहन और सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा क्रांतिकारी कदम है।


