चंडीगढ़। हरियाणा में परिवार पहचान पत्र (PPP) के तहत चल रही डेटा वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के बीच राज्य सरकार ने बुजुर्गों के हक में एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब बुजुर्गों को अपनी पेंशन रुकने का डर नहीं रहेगा, जिससे राज्य के हजारों परिवारों ने राहत की सांस ली है।
दस्तावेजों की कमी से बुजुर्गों में थी आशंका
दरअसल, हरियाणा सरकार द्वारा परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में जन्मतिथि (उम्र) के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस फैसले के बाद राज्य के हजारों बुजुर्गों में यह चिंता और डर पैदा हो गया था कि यदि उनके पास उम्र साबित करने के लिए कोई आधिकारिक या जरूरी दस्तावेज नहीं हुए, तो कहीं उनकी वृद्धावस्था सम्मान भत्ता पेंशन बंद न हो जाए।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर वैकल्पिक व्यवस्था तैयार
बुजुर्गों की इस परेशानी को देखते हुए सरकार ने तुरंत बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश पर प्रशासन अब एक ऐसी वैकल्पिक (Alternative) व्यवस्था तैयार कर रहा है, जिससे किसी भी पात्र बुजुर्ग की पेंशन केवल कागजों या दस्तावेजों के अभाव में नहीं काटी जाएगी। सरकार का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी जरूरतमंद इस योजना से वंचित न रहे।
नियमित मिलती रहेगी पेंशन, सत्यापन का काम भी जारी
सरकार ने पूरी तरह स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि जिन बुजुर्गों की जन्मतिथि का सत्यापन (Verification) अभी तक पूरा नहीं हो पाया है, उन्हें घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। ऐसे सभी लाभार्थियों को पहले की तरह ही हर महीने नियमित रूप से उनकी पेंशन मिलती रहेगी। पेंशन रोकने के बजाय सत्यापन की प्रक्रिया को और आसान बनाया जा रहा है।


