रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय द्वारा राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में एक और महत्वपूर्ण फेरबदल किया गया है। कानून व्यवस्था और वीआईपी सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जयंत वैष्णव को मुख्यमंत्री सुरक्षा का नया पुलिस अधीक्षक (SP – Chief Minister Security) नियुक्त किया गया है। यह आदेश राज्य में हाल ही में हुए कुछ अन्य पुलिस कप्तानों के तबादलों की कड़ी में जारी किया गया है।
हरीश राठौर के ट्रांसफर के बाद खाली हुआ था वीआईपी सुरक्षा का यह अहम पद
दरअसल, मुख्यमंत्री सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे निवर्तमान एसपी हरीश राठौर को सरकार ने एक अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपते हुए कोरिया जिले का नया पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त किया है। हरीश राठौर के कोरिया जिला रवाना होने के बाद मुख्यमंत्री की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालने के लिए एक अनुभवी अधिकारी की आवश्यकता थी। इसी के मद्देनजर राज्य सरकार की हरी झंडी के बाद जयंत वैष्णव के नाम पर मुहर लगाई गई, जो अब सीधे तौर पर मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे।
पुलिस महानिदेशक (DGP) ने जारी किए आधिकारिक आदेश
तत्काल प्रभाव से संभालेंगे कमान: इस प्रशासनिक फेरबदल और नई पदस्थापना के संबंध में छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम द्वारा आधिकारिक आदेश पत्र जारी कर दिया गया है।
मुख्यालय की मुहर: पुलिस मुख्यालय (PHQ) से जारी किए गए इस निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि जयंत वैष्णव की यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू मानी जाएगी। आदेश मिलते ही नए एसपी मुख्यमंत्री सुरक्षा ने अपनी नई जिम्मेदारी का कार्यभार संभालने की कवायद तेज कर दी है ताकि सुरक्षा घेरे में किसी भी प्रकार का कोई बदलाव या ढील न आए।
आगामी दिनों में कुछ और बड़े प्रशासनिक फेरबदल की संभावना
सचिवालय और पुलिस मुख्यालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार प्रदेश की कानून व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करने के लिए लगातार मैदानी स्तर पर अधिकारियों की समीक्षा कर रही है। मुख्यमंत्री सुरक्षा जैसे संवेदनशील और अति-महत्वपूर्ण पद पर जयंत वैष्णव की तैनाती के बाद, आने वाले दिनों में कुछ अन्य जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों (ASP) के प्रभार में भी आंशिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इस प्रशासनिक बदलाव का मुख्य उद्देश्य राज्य में अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक कसावट को और बेहतर बनाना है।



