नई दिल्ली। देश के उच्च सदन यानी राज्यसभा की सियासी तस्वीर बदलने वाली है। भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने शुक्रवार को देश के 12 अलग-अलग राज्यों की कुल 26 राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी बिगुल फूंक दिया है। इन सीटों पर आगामी 18 जून को मतदान कराया जाएगा। राजनैतिक समीकरणों के आधार पर माना जा रहा है कि इस बार के द्विवार्षिक चुनावों में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को एक सीट का मामूली घाटा उठाना पड़ सकता है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी खेमे को तीन सीटों की बढ़त मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
चुनाव आयोग के मुताबिक, इन सीटों पर चुनाव मौजूदा सांसदों का कार्यकाल समाप्त होने (रिटायरमेंट) के कारण कराए जा रहे हैं। निवर्तमान होने वाले प्रमुख राजनेताओं में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह और जॉर्ज कुरियन जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
चुनावी टाइमलाइन और मौजूदा दलीय स्थिति
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इन सीटों के लिए उम्मीदवार 8 जून तक अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। अगर मौजूदा आंकड़ों की बात करें तो इन 26 सीटों में से:
एनडीए (NDA): 18 सीटें
कांग्रेस (Congress): 04 सीटें
वाईएसआरसीपी (YSRCP): 03 सीटें
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM): 01 सीट
राजनैतिक विश्लेषकों का अनुमान है कि चुनाव के बाद एनडीए का आंकड़ा 18 से घटकर 17 पर आ सकता है, वहीं कांग्रेस की संख्या बढ़कर 5 हो सकती है। इसके अलावा झामुमो को 2 और तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) को 1 सीट मिलने के आसार हैं।
राज्यवार सीटों का गणित और चुनावी मुकाबला
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मुख्य चुनाव के साथ-साथ दो राज्यों में उपचुनाव भी संपन्न कराए जाएंगे। सीटों का पूरा विवरण इस प्रकार है:
| राज्य | सीटों की संख्या / स्थिति | संभावित राजनैतिक परिणाम |
| आंध्र प्रदेश | 4 सीटें | तेलुगु देशम पार्टी (TDP) चारों सीटों पर क्लीन स्वीप कर सकती है। |
| गुजरात | 4 सीटें | भारतीय जनता पार्टी (BJP) सभी चारों सीटों पर आसानी से जीत दर्ज करेगी। |
| कर्नाटक | 4 सीटें | विधानसभा के गणित के अनुसार कांग्रेस को 3 और भाजपा को 1 सीट मिलने की उम्मीद है। |
| मध्य प्रदेश | 3 सीटें | यहाँ मुख्य दलों के बीच संख्या बल के आधार पर फैसला होगा। |
| राजस्थान | 3 सीटें | भाजपा को 2 और कांग्रेस को 1 सीट मिलने की संभावना है। |
| झारखंड | 2 सीटें | झामुमो-कांग्रेस गठबंधन दोनों सीटों पर मजबूत है, हालांकि भाजपा उलटफेर की कोशिश में है। |
| छोटे राज्य | मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल, मिजोरम | इन चारों राज्यों की 1-1 सीट पर भी मतदान होगा। |
| उपचुनाव | महाराष्ट्र और तमिलनाडु | दोनों राज्यों में 1-1 सीट पर उपचुनाव होंगे। |
राजस्थान और कर्नाटक की जंग बेहद दिलचस्प
राजस्थान की 3 सीटों के मुकाबले पर सबकी नजरें टिकी हैं। प्रदेश विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों के हिसाब से भाजपा के पास 118 विधायक हैं, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के पास 67 विधायक हैं, बाकी अन्य और निर्दलीय हैं। ऐसे में भाजपा दो और कांग्रेस एक सीट आसानी से निकाल लेगी। वहीं झारखंड में झामुमो-कांग्रेस गठबंधन दोनों सीटें जीतने के लिए आश्वस्त दिख रहा है, मगर चर्चाएं हैं कि भाजपा क्रॉस वोटिंग के सहारे अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति बना रही है।
उच्च सदन (राज्यसभा) में मौजूदा संख्या बल
वर्तमान में 244 सदस्यीय राज्यसभा के भीतर एनडीए के पास 149 सांसदों के साथ स्पष्ट बहुमत है। वहीं विपक्षी गठबंधन के पास कुल 78 सांसद हैं, जबकि 17 सदस्य क्षेत्रीय व अन्य दलों के हैं।
इसके साथ ही आयोग ने महाराष्ट्र और तमिलनाडु की रिक्त सीटों पर अलग से उपचुनाव की घोषणा की है। आपको बता दें कि महाराष्ट्र में राकांपा (NCP) की सुनेत्रा पवार और तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक (AIADMK) के सी. वे. शन्मुगम के इस्तीफे के बाद ये सीटें खाली हुई थीं। अनुमान है कि महाराष्ट्र की सीट पर सत्ताधारी गठबंधन (NDA) का कब्जा होगा, जबकि तमिलनाडु की सीट टीवीके (TVK) के पाले में जा सकती है।


