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    बिहार एमएलसी चुनाव पर नजरें, नालंदा में 57 बूथों पर मतदाता करेंगे अपने मताधिकार का इस्तेमाल

    नालंदा। बिहार के अंतर्गत पटना स्नातक तथा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक विधान परिषद चुनावों के लिए शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई है। नालंदा जिले में इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक प्रबंध पहले ही सुनिश्चित कर लिए गए थे। जिले के विभिन्न प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसरों में स्थापित मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं में उत्साह देखा जा रहा है। इन चुनावों में विभिन्न राजनीतिक दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतपेटियों में बंद हो जाएगा, जिसके बाद आगामी सत्ताईस अक्टूबर को पटना में मतगणना संपन्न कराई जाएगी।

    मतदान केंद्रों का गणित और प्रशासनिक तैयारियां

    नालंदा जिले के बीस प्रखंडों के अंतर्गत आने वाले कार्यालय परिसरों में दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के लिए कुल सत्तावन मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां हजारों की संख्या में पंजीकृत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं के लिए प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी तरह पृथक रखी गई हैं ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। चुनाव आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार मतदान समाप्ति के पश्चात मतपेटियों को सुरक्षित रखवाया जाएगा और इकतालीस अक्टूबर तक संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया को विधिवत रूप से पूरा कर लिया जाएगा।

    प्रमुख दलों के बीच कड़ा मुकाबला और चुनावी समीकरण

    पटना स्नातक और शिक्षक दोनों ही सीटों पर इस बार सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बेहद दिलचस्प तथा कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से प्रमुख दलों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक संगठनों के दिग्गज प्रत्याशी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी अनुभवी चेहरों और नए उम्मीदवारों के बीच जोरदार टक्कर है। विभिन्न दलों और महादलित तथा राजनीतिक गठबंधनों के भीतर आपसी खींचतान और अलग-अलग प्रत्याशियों के मैदान में होने के कारण चुनावी समीकरण काफी रोचक हो गए हैं, जिस पर राजनीतिक विश्लेषकों की पैनी नजर बनी हुई है।

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