अलवर में दो अलग-अलग हादसों में 60 वर्षीय बुजुर्ग और 3 साल की मासूम बच्ची झुलसी। आग तापते समय बुजुर्ग के कपड़ों में लगी आग, जबकि देसी बम की चिंगारी से बच्ची घायल।
मिशनसच न्यूज, अलवर।
अलवर जिले में गुरुवार को दो अलग-अलग स्थानों पर हुए हादसों ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। एक तरफ जहाँ आग तापते समय 60 वर्षीय बुजुर्ग रामस्वरूप गंभीर रूप से झुलस गए, वहीं दूसरी ओर आलम सासण में एक 3 वर्षीय मासूम बच्ची देसी बम की चिंगारी से घायल हो गई। दोनों का उपचार अलवर जिला अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों की टीमें लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
पहला हादसा: ठंड से बचने के लिए आग ताप रहे थे बुजुर्ग, अचानक भड़की लपटें
यह घटना विजय मंदिर थाना क्षेत्र के मंगलवास गांव की है। जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह करीब 5 बजे 60 वर्षीय रामस्वरूप रोज़ की तरह अपने घर के बाहर आग तापने बैठे थे। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए वे धीमी जलती हुई आग के पास बैठे थे, लेकिन जैसे ही उन्होंने आग की तरफ थोड़ा झुककर हाथ सेंकने की कोशिश की, पीछे से उनके कपड़ों ने अचानक आग पकड़ ली।
घटना इतनी तेजी से हुई कि रामस्वरूप को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आग पकड़ते ही वे चौकन्ने होकर उठे और जोर-जोर से चिल्लाने लगे। उनकी चीख सुनकर घर के लोग और आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़े और किसी तरह कपड़ों पर लगी आग को बुझाया। तब तक शरीर का काफी हिस्सा जल चुका था।
परिजनों ने तुरंत उन्हें अलवर जिला अस्पताल पहुंचाया।
बाईट — सतीश (बुजुर्ग का बेटा):
“पिता जी रोज़ सुबह आग तापते हैं। आज पता नहीं कैसे कपड़ों ने आग पकड़ ली। हम बाहर आए तब तक शरीर पर काफी जलन हो चुकी थी। हादसा एकदम पलभर में हुआ।”
डॉक्टरों के अनुसार रामस्वरूप को शरीर पर कई स्थानों पर गंभीर जलन आई है। मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए है।
दूसरा हादसा: खेलते-खेलते देसी बम की चिंगारी से घायल हुई मासूम
दूसरी घटना नगर थाना क्षेत्र के आलम सासण गांव की है। गुरुवार सुबह करीब 8 बजे 3 साल की मासूम सना अपने घर के आँगन में खेल रही थी। इसी दौरान पास ही खेल रहे एक बच्चे ने गलती से किसी देसी बम जैसे पटाखे को जल रही आग में डाल दिया।
आग में डालते ही तेज धमाका हुआ और बम की चिंगारी सीधा मासूम सना के चेहरे पर आकर लगी। तेज आवाज के साथ बच्ची जोर-जोर से रोने लगी। परिजनों ने तुरंत उसे नजदीकी नगर अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए अलवर जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
बाईट — हंसिका (मासूम की परिजन):
“सना घर के आँगन में खेल रही थी। बच्चों को पता नहीं चला कि पटाखे में इतनी तेज़ी होगी। धमाका हुआ और चिंगारी सीधे उसके चेहरे पर लगी। हम बेहद डर गए थे।”
डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची के चेहरे और आँखों के आसपास चोटें आई हैं, लेकिन समय पर उपचार मिलने के कारण खतरा टल गया है।
लापरवाही से हुए दोनों हादसे, प्रशासन ने की अपील
दोनों ही घटनाओं ने जिले में सतर्कता की आवश्यकता को फिर से सामने ला दिया है। ठंड के मौसम में आग तापते समय अक्सर लोग सुरक्षा का ध्यान नहीं रखते, जिसके कारण हादसे बढ़ जाते हैं। इसी तरह छोटे बच्चों के हाथ में पटाखे या किसी भी विस्फोटक जैसी चीज़ें देना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि—
आग तापते समय हमेशा दूरी बनाकर रखें
ढीले कपड़ों से विशेष सावधानी बरतें
बच्चों के पास पटाखे या खतरनाक वस्तुएं न होने दें
आग या विस्फोटक सामान से जुड़े मामलों में सतर्कता ही सुरक्षा है
दोनों पीड़ित परिवारों ने भी लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, ताकि इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
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