अलवर जिले में दहेज केस में पेश होने जा रहे सिराजू को ससुर और सालों ने रास्ते में रोककर जहर पिलाया। हालत गंभीर, अलवर रेफर। एक आरोपी हिरासत में।
मिशनसच न्यूज, अलवर। नौगांवा थाना क्षेत्र में बुधवार को सामने आई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। पाटा गांव निवासी 30 वर्षीय सिराजू को उसके ससुर–साले ने रास्ते में रोककर जहर पिला दिया, जिसके बाद उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। सिराजू को पहले सिकरी अस्पताल ले जाया गया, जहां से स्थिति नाजुक होने पर उसे अलवर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को पकड़ लिया है, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं।
दहेज मामले में पेश होने जा रहा था सिराजू
परिवार के अनुसार, सिराजू बुधवार सुबह सिकरी थाने में दहेज मामले में पेश होने के लिए घर से निकला था। उसकी पत्नी तबरस्सुम ने कुछ समय पहले सिराजू और उसके परिवार पर दहेज प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके सिलसिले में उसे थाने में पेश होना था।
परिजनों ने बताया कि लगभग दोपहर 12 बजे रास्ते में ससुर इशाक, साले सफीक और फर्रून उसे रोककर जबरन अपने साथ ले गए।
आरोप—ससुराल पक्ष ने रास्ते में मिलाकर पिलाया जहर
परिवार का दावा है कि आरोपियों ने रास्ते में सिराजू को नशीला पदार्थ या जहर पिलाया और उसकी हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद तीनों आरोपी उसका मोबाइल और बाइक भी छीनकर उसे सिकरी अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए।
चौंकाने वाली बात यह रही कि परिजनों को सूचना भी खुद आरोपियों ने ही फोन कर दी, ताकि शक दूसरी दिशा में जाए।
गलत बयान दिलवाने की कोशिश
पीड़ित के भाई और पिता के अनुसार, उनकी पहुंचने से पहले 10–12 लोगों को बुलाकर सिराजू पर गलत बयान देने का दबाव बनाया गया। परिजनों के मुताबिक, कोशिश थी कि सिराजू कह दे कि उसने जहर खुद खाया है।
लेकिन जब पुलिस ने उसे सिकरी थाने में बयान के लिए बुलाया, तो सिराजू ने सच्चाई बताते हुए साफ कहा:
“मेरे ससुराल वालों ने ही मुझे जहर पिलाया है।”
इस बयान के बाद पुलिस सक्रिय हुई और उसे तुरंत अस्पताल भेजा।
हालत बिगड़ी, अलवर रेफर
डॉक्टरों ने बताया कि सिराजू की हालत गंभीर थी। प्राथमिक उपचार के बाद उसे अलवर जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है। परिवार का रो–रोकर बुरा हाल है।
पुलिस की कार्रवाई—एक आरोपी पकड़ा
नौगांवा थाना पुलिस ने मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए ससुर इशाक को हिरासत में ले लिया है।
जबकि साले सफीक और फर्रून की तलाश जारी है।
थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
7 साल पहले हुई थी शादी
परिवार ने बताया कि सिराजू की शादी करीब 7 साल पहले तबरस्सुम से हुई थी। शादी के बाद कई बार तबरस्सुम बिना किसी कारण मायके चली जाती थी। पिछले एक साल से वह लगातार मायके में ही रह रही थी और हाल ही में उसने दहेज का मामला दर्ज करा दिया था।
सिराजू फर्नीचर का काम करता है। उसके दो छोटे बच्चे हैं, जो इस समय अपनी मां के पास नहीं बल्कि दादा–दादी के साथ रह रहे हैं।
परिवार ने की न्याय की मांग
सिराजू के परिजन आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ससुराल पक्ष पहले भी विवाद कर चुका है और अब सिराजू की जान लेने की कोशिश की गई है। परिवार चाहता है कि पुलिस आरोपियों पर कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करे।


