नागपुर। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की ऐतिहासिक धम्मक्रांति की स्मृति में नागपुर की दीक्षाभूमि पर आयोजित 70वें धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस समारोह में शामिल होने वाले लाखों बौद्ध अनुयायियों के लिए विशेष और व्यापक सुविधाएं मुहैया कराई गईं। सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा, उनके ठहरने और बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे।
बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष बैंड योजना
इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत बच्चों की सुरक्षा के वास्ते शुरू की गई विशेष बैंड योजना रही। इसके तहत बच्चों के हाथों पर एक ऐसा बैंड बांधा गया जिस पर उनका नाम, गांव और माता-पिता का मोबाइल नंबर दर्ज था। इस अनूठी पहल की मदद से भीड़भाड़ के दौरान बिछड़े 450 से अधिक बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों तक वापस पहुंचाया गया।
श्रद्धालुओं और भिक्खुओं के लिए व्यापक इंतजाम
समारोह में पहली बार बौद्ध भिक्खुओं के विश्राम के लिए विशेष बिस्तरों की व्यवस्था की गई, जबकि सामान्य श्रद्धालुओं के ठहरने के वास्ते 21 विशाल जर्मन हैंगर डोम बनाए गए थे। पूरे परिसर में शुद्ध पेयजल, रोशनी के पुख्ता इंतजाम और हजारों मोबाइल चार्जिंग सॉकेट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। इसके अतिरिक्त, महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें और स्तनपान कराने वाली माताओं के वास्ते विशेष 'हिरकणी कक्ष' भी स्थापित किए गए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट के दिशा-निर्देशों के तहत प्रशासनिक और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इन सभी व्यवस्थाओं की व्यक्तिगत रूप से निगरानी की।


