अंबिकापुर|छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने आज अंबिकापुर में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि अब छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का हथियार बंद कोई भी ग्रुप नहीं रह गया है, सिर्फ कुछ नक्सली हथियार छोड़ने के बाद इधर-उधर छिप रहे हैं. उन्होंने बस्तर में नक्सलवाद खत्म होने को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह बातें कहीं|
डीजीपी अरुण देव गौतम ने क्या कहा?
डीजीपी अरुण देव गौतम सरगुजा संभाग के पुलिस अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा करने के लिए अंबिकापुर पहुंचे हुए थे. इस दौरान उन्होंने समीक्षा बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया और कहा कि छत्तीसगढ़ की सीमा में अब नक्सलियों का कोई भी हथियारबंद दस्ता नहीं रह गया है|
इस दौरान उन्होंने पुलिस जवानों की भर्ती में भ्रष्टाचार को लेकर पूछे गए एक सवाल पर कहा कि विभाग पूरी तरीके से भ्रष्टाचार मुक्त पुलिस जवानों की भर्ती के लिए काम कर रही है, क्योंकि पुलिस भर्ती में भ्रष्टाचार नहीं होगा तभी सही तरीके से पुलिसिंग हो पाएगी. उन्होंने कहा कि अगर भ्रष्टाचार के माध्यम से किसी जवान की भर्ती होती है तो वह ईमानदारी से काम करेगा इसकी उम्मीद नहीं के बराबर रहती है|
अफीम की खेती पर क्या कहा?
अफीम की खेती के सवाल पर जवाब देते हुए DGP ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती राजस्थान, बिहार और झारखंड के लोग गरीब आदिवासी लोगों की जमीन को लेकर कर रहे थे, जांच में पता चला है कि अफीम के व्यवसायिक उपयोग के लिए खेती किया जा रहा था|
छत्तीसगढ़ में गांजा की सप्लाई नहीं रुकने को लेकर पूछे गए एक सवाल पर भी उन्होंने जवाब दिया और कहा कि पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है लेकिन लगातार गांजा सहित दूसरे ड्रग्स की डिमांड बढ़ रही है. यही वजह है कि जब तक डिमांड पर नियंत्रण नहीं हो पाएगा तब तक तस्कर कोई ना कोई रास्ता निकाल लेते हैं इसलिए समाज को भी ड्रग्स की तस्करी और इसके उपयोग पर नियंत्रण के लिए सामने आने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में ड्रग्स की खपत पिछले कुछ सालों में बढ़ी है, इस पर लगाम लगाने की जरूरत है.
‘जवानों को मिल रहा पर्याप्त वेतन’
इस दौरान डीजीपी ने कहा कि प्रदेश के जवानों को वेतन पर्याप्त दिया जा रहा है ऐसे में उनको दिए जाने वाले अलग-अलग भत्तों की कोई बात नहीं है. जवानों और पुलिस अफसरों को मिलने वाले बेहद कम भत्तों पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने यह बात कही|


