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    1.80 करोड़ लेकर बेच दिया पेपर! JSSC CGL लीक मामले में CID जांच में बड़ा खुलासा

    रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) परीक्षा में हुए धांधली और पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीआईडी (CID) ने एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। आयोग द्वारा सितंबर 2024 में आयोजित इस परीक्षा से ठीक पहले जालसाजों ने दर्जनों अभ्यर्थियों को नेपाल के विराटनगर और झारखंड के बोकारो स्थित होटलों में ठहराया था। वहां उन्हें प्रश्न पत्र के 120 सवाल और उनके उत्तर पूरी तरह रटवाए गए थे। इस फर्जीवाड़े के एवज में गिरोह ने प्रति अभ्यर्थी 12 लाख से लेकर 70 लाख रुपये तक की भारी भरकम वसूली की थी।

    15 परीक्षार्थियों से वसूले 1.80 करोड़ रुपये, आरोपी ने खुद भी हासिल की 48वीं रैंक

    जांच में जुटी सीआईडी टीम अब तक 11 मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है, जबकि 350 से अधिक अभ्यर्थियों व संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है। पड़ताल में सामने आया है कि गिरोह ने केवल 15 अभ्यर्थियों से ही करीब 1.80 करोड़ रुपये हड़पे थे। इस पूरे नेटवर्क का खुलासा टीडीपीएल के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी की गिरफ्तारी के बाद हुआ। आरोपी अभय ने अनुचित साधनों का प्रयोग कर स्वयं परीक्षा में 48वीं रैंक हासिल की थी। सीआईडी ने धांधली के जरिए परीक्षा उत्तीर्ण करने के आरोप में उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी को भी गिरफ्तार कर लिया है।

    JSSC सचिव से गहन पूछताछ, 22 परीक्षाएं की गईं रद्द

    सीआईडी की विशेष टीम ने नामकुम स्थित आयोग के मुख्यालय पर दबिश देकर ओएमआर (OMR) शीट, डिजिटल साक्ष्य और कई संवेदनशील दस्तावेज जब्त किए। जांच अधिकारियों ने आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता से भी घंटों पूछताछ की। अनियमितताओं के पुख्ता प्रमाण मिलने के उपरांत राज्य सरकार ने संबंधित एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाओं के नतीजों पर रोक लगाते हुए 22 परीक्षाओं को निरस्त करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। दूसरी ओर, प्रश्नपत्र मुद्रण से जुड़ी एजेंसी के फरार संचालकों मिथिलेश सिंह, राकेश सिंह और उमाकांत प्रामाणिक की धरपकड़ के लिए पटना और दिल्ली में लगातार छापेमारी की जा रही है।

    एजेंटों और बिचौलियों पर कसता जा रहा है शिकंजा

    सीआईडी ने निजी एजेंसी के दो कर्मचारियों सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नेपाल में अभ्यर्थियों के ठहरने व खाने-पीने का इंतजाम करने वाले प्रमुख एजेंटों—राम प्रवेश यादव, रघुवीर यादव, संदीप त्रिपाठी, अनीश कुमार और विनय शाह—की तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी हुई हैं। सीआईडी रोजाना 20-20 अभ्यर्थियों को समन जारी कर उनके बयान दर्ज कर रही है और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) के माध्यम से इस पूरे सिंडिकेट के तार जोड़ने में लगी है।

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