भोपाल| किसान आंदोलन के दौरान भोपाल की एडिशनल पुलिस कमिश्नर मोनिका शुक्ला का एक साहसी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए अकेले ही बस के सामने डटकर खड़ी नजर आ रही हैं। इस वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए मोनिका शुक्ला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य का पालन किया है और वे हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे किसानों के इस तरह के प्रदर्शनों की कार्यशैली से अच्छी तरह परिचित हैं।
क्यों खड़ी हो गईं बस के सामने?
घटना के संबंध में बताते हुए मोनिका शुक्ला ने कहा कि शहर की कानून-व्यवस्था को बिगड़ने से बचाने के लिए ही उन्हें बस के सामने खड़ा होना पड़ा। प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़कर शहर के अन्य हिस्से में जाने का प्रयास कर रहे थे, जबकि मुख्य पुलिस बल दूसरी दिशा में तैनात था। उस वक्त उनके साथ केवल दो-तीन पुलिसकर्मी ही मौजूद थे। जब एक प्रदर्शनकारी ने बस को आगे बढ़ाने की कोशिश की, तो उसे रोकने के लिए वह खुद वाहन के सामने आ गईं। उन्होंने बस की छत पर बैठे लोगों से भी नीचे उतरने की अपील की ताकि उन्हें किसी प्रकार की चोट न लगे।
उन्होंने बताया कि भोपाल पुलिस की टीम पिछले दो-तीन रातों से लगातार जागकर मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभा रही थी और हर कोई अपनी तरफ से बेस्ट देने की कोशिश कर रहा था।
परिवार की चिंता और पुलिस का संयम
कठिन परिस्थितियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हर इंसान अपने परिवार को लेकर चिंतित रहता है और अपनों का फिक्र करना स्वाभाविक है। इस दौरान कई दोस्तों और सहकर्मियों ने उनका हौसला बढ़ाया। मौके पर करीब 1500 प्रदर्शनकारी मौजूद थे, जबकि उनके साथ केवल दो-तीन पुलिसकर्मी ही थे, जबकि कुल पुलिस बल 200 के आसपास था। इसके बावजूद पुलिस ने अत्यधिक संयम और सूझबूझ के साथ स्थिति को संभाला।
तेजतर्रार और बेबाक छवि के लिए जानी जाती हैं मोनिका शुक्ला
भोपाल कमिश्नररेट में एडिशनल कमिश्नर बनने से पहले मोनिका शुक्ला डीआईजी भोपाल देहात, तथा विदिशा, रायसेन और नरसिंहपुर जैसे जिलों में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। वर्तमान में वह भोपाल में एडिशनल कमिश्नर (क्राइम) की जिम्मेदारी संभाल रही हैं और अपनी कर्तव्यनिष्ठा व बेबाक अंदाज के लिए पहचानी जाती हैं।


