लखनऊ। राजधानी के सआदतगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला में सोमवार को हुए तिहरे हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा और भारी तनाव व्याप्त है। वारदात में मारे गए तीनों व्यक्तियों के शवों का पोस्टमार्टम पूरा होने के पश्चात उन्हें देर शाम परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। जैसे ही तीनों शव एक साथ घर पहुंचे, वहां मौजूद परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया और हर किसी की आंखें नम नजर आईं। इस दिल दहला देने वाली घटना में शिवाजी तिवारी, उनके भाई शंभू तिवारी और पुत्र सुयश तिवारी की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। परिजनों द्वारा शवों को प्राप्त करने के बाद पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, तीनों मृतकों को मारी गई थीं दो-दो गोलियां
पोस्टमार्टम की विस्तृत प्रक्रिया से सामने आई जानकारी के अनुसार हमलावर ने तीनों पीड़ितों को बेहद नजदीक से दो-दो गोलियां मारी थीं। शिवाजी तिवारी के सिर और सीने में गोलियां धंसने के कारण मौके पर ही अत्यधिक रक्तस्राव हो गया था, जबकि उनके पुत्र सुयश तिवारी को सिर और पेट के हिस्से में गोली मारी गई। वहीं शंभू तिवारी के सिर और एब्डोमेन में गोलियां लगी थीं। गोलियों के गंभीर घावों के कारण तीनों ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया था। इस नृशंस हत्याकांड के बाद से ही क्षेत्र में काफी ज्यादा आक्रोश और दहशत का माहौल बना हुआ है, जिसके मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
कार पार्किंग और चबूतरा निर्माण को लेकर हुआ था खूनी विवाद
इस जघन्य हत्याकांड की मुख्य वजह पड़ोसियों के बीच लंबे समय से चला आ रहा जमीन और पार्किंग का पुराना विवाद बताया जा रहा है। सआदतगंज के ब्राह्मणी टोला में बरगद के पेड़ के समीप बनी खाली जमीन पर वाहन खड़ा करने को लेकर सोमवार सुबह दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई थी। इससे पूर्व भी बरगद के पेड़ के पास चबूतरा बनाने को लेकर दोनों परिवारों में तनातनी चल रही थी। विवाद बढ़ने पर पड़ोसी दिनेश शुक्ला के बेटे ऋषभ शुक्ला ने अपने परिजनों के साथ मिलकर अचानक अवैध पिस्टल निकालकर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं, जिससे तीनों लोग लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े।
आरोपी ऋषभ और उसकी तीन बहनें गिरफ्तार, सात लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज
घटना के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों की मदद से घायलों को इलाज के लिए किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के पश्चात तीनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने बताया कि मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला को मौके से वारदात में प्रयुक्त अवैध पिस्टल और चार खोखों के साथ हिरासत में ले लिया गया है। इसके साथ ही आरोपी की तीन बहनों को भी गिरफ्तार किया गया है। शंभू तिवारी की पत्नी रुचि तिवारी की शिकायत पर मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला, उसके पिता दिनेश शुक्ला, चाचा राजेश व गिरीश शुक्ला और बहनों प्रीति, अदिति तथा दिव्या के खिलाफ हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।


