रेवाड़ी | नवनिर्मित हाईटेक जिला कारागार में कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने के एक मामले में शासन द्वारा बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की गई है। मार्च के महीने में जेल परिसर से दो बंदियों के चकमा देकर भागने की गंभीर घटना के बाद तत्कालीन जेल अधीक्षक सुरेंद्र दलाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है। कारागार प्रशासन द्वारा गठित उच्च स्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट और वरिष्ठ अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा के बाद यह कड़ा कदम उठाया गया है।
ऊंची दीवार लांघकर भागे थे बंदी और पूर्व में हुई कार्रवाई
यह पूरा मामला 28 मार्च का है, जब रेवाड़ी की इस अत्याधुनिक जेल से दो शातिर कैदी लगभग 25 फीट ऊंची सुरक्षा दीवार को लांघकर रफूचक्कर हो गए थे। वारदात के समय जेल अधीक्षक सुरेंद्र दलाल स्वयं अवकाश पर चल रहे थे, जिसे सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक शिथिलता की श्रेणी में गंभीर चूक माना गया। इस मामले में जेल विभाग पहले ही कड़ा रुख अपनाते हुए पांच मुख्य प्रहरियों (हेड वार्डर) और दो प्रहरियों (वार्डर) सहित कुल सात सुरक्षाकर्मियों को निलंबित कर चुका था। उस दौरान यह स्पष्ट किया गया था कि अधीक्षक के उत्तरदायित्वों की पृथक से जांच होगी, जिसके परिणाम स्वरूप अब यह निलंबन हुआ है।
हाईटेक सुरक्षा पर उठे सवाल और बंदियों की दोबारा गिरफ्तारी
यद्यपि कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार हुए दोनों बंदियों को कुछ समय बाद पुनः अपनी कस्टडी में ले लिया था, परंतु इस दुस्साहसिक घटना ने कारागार की अभेद्य मानी जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी थी। इस नवनिर्मित जेल को बेहद आधुनिक साजो-सामान और अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणालियों से लैस माना जाता है, इसके बावजूद बंदियों का इस प्रकार भाग निकलना प्रबंधन पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा गया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने जून 2025 में ही इस आधुनिक जिला कारागार का भव्य उद्घाटन किया था।
नए जेल अधीक्षक की नियुक्ति और सुरक्षा की समीक्षा
इस बड़ी प्रशासनिक कोताही के सामने आने के बाद गृह और कारागार विभाग ने जेल परिसरों में सुरक्षा घेरे को और अधिक सुदृढ़ व त्रुटिहीन करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही, कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने के उद्देश्य से रेवाड़ी जिला जेल में नए अधीक्षक के रूप में रेशम सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नए अधिकारी ने विधिवत रूप से अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है और जेल के भीतर सुरक्षा खामियों को दूर करने के लिए आंतरिक व्यवस्थाओं की नए सिरे से समीक्षा शुरू कर दी है।


