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    मंत्री किरोड़ीलाल का ‘नकली खाद’ पर प्रहार: फैक्ट्री पर रेड, मिलावटखोरों में मचा हड़कंप

    राजस्थान में भजनलाल सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ किरोड़ीलाल मीणा ने गुरुवार को अचानक उदयपुर के उमरडा स्थित पटेल फास्केम खाद फैक्ट्री पर छापा मारा तो हड़कंप मच गया. मीणा दोपहर में उदयपुर पहुंचे और कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ खाद फैक्ट्री पहुंच गए. वहां पर मंत्री किरोड़ीलाल मीणा को देखकर फैक्ट्री के संचालकों के होश उड़ गए.

    मीणा ने फैक्ट्री पहुंचकर यहां पर बनने वाले आर्गेनिक खाद के बारे में जानकारी ली और खाद के कट्टों में भरे खाद की जांच की. यहां पर अलग-अलग वैरायटी का खाद बनाया जाता है. ऐसे में मीणा ने पूरी फैक्ट्री का निरीक्षण किया और वहां पर बने हुए खाद के कट्टे खुलवाकर खाद की जांच की.

    करीब आधे घंटे तक मीणा यहां पर निरीक्षण करते रहे और अलग-अलग कट्टों में बंद खाद को खुलवाकर देखा और जहां पर गड़बड़ी की आंशका दिखी वहां पर खुद खाद को हाथ में ले​कर पानी से धोकर देखा.

    खाद के नहीं गलने पर मीणा ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि फैक्ट्री में बनने वाला खाद किसान अपने खेतों में डालता है और फसल पैदा करता है, लेकिन खाद ही नकली होगा या ​इसमें मिलावट होगी तो फसल भी वैसी ही होगी. इससे किसान के साथ-साथ पूरे देश की जनता को नुकसान है.

    मिलावटी खाद के खिलाफ मंत्री का अभियान

    कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी मीणा का मिलावटी खाद व नकली बीज के खिलाफ अभियान जारी है. इसी अभियान के तहत गुरुवार को डॉ मीणा उदयपुर पहुंचे और सीधे पटले फॉस्केम पहुंचे. यहां पर मीणा ने यहां पर कृषि विभाग के अधिकारियों से पूर्व में लिए गए सैंपल के बारे में जानकारी ली और कहा कि पूर्व में यहां से मिलावटी खाद होने की शिकायत मिल रही थी.ऐसे में यहां पर पहुंचकर जांच की गई है.

    मीणा ने कहा कि पूरे ​उदयपुर की खाद फैक्ट्रियों की जांच की जाएगी और जहां पर खाद मिलावटी मिलता है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि फैक्ट्री मालिकों से गुजारिश की जाएगी कि वे मिलावटी खाद बनाकर देश की जनता के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. ऐसे में मिलावटी खाद बनाना बंद करें.

    खाद में मिलावट करने वालों के खिलाफ एक्शन

    मीणा ने कहा कि आर्गेनिक खाद में मिलावट कर बिक्री की जा रही थी. मई में इनके सैंपल मानक के अनुरूप नहीं थे. रेड के दौरान लिए गए 8 सैंपल असफल हुए हैं. पहले भी शिकायत मिली थी. केंद्र की टीम भी आकर यहां गई थी. मीणा इसके बाद रामा फास्फेट कंपनी पहुंचे यहां पर भी मीणा ने खाद के सेम्पल लिए. यहां पर कट्टों में बंद खाद को खुलवाकर कर देखा और उसके बाद सैंम्पल लिए गए.

    किरोड़ीलाल मीणा ने बताया कि उन्हें पटेल फास्केम सहित अन्य कम्पनियों के खिलाफ शिकायत मिली थी कि यहां पर बनने वाले खाद में मिलावट हो रही है. इस शिकायत के बाद जांच के लिए पहुंचे हैं. यहां पर बनने वाला खाद एसएसपी बनाया जा रहा है. इसके लिए भारत सरकार की ओर से प्रति कट्टे पर 388 रूपए की सब्सिडी मिलती है.

    उन्होंने कहा कि इसके बावजूद घटिया ​खाद बनाया जा रहा है. इसके अलावा रॉक फास्फेट का निमार्ण भी सही तरीके से नहीं हो रहा है. यहां से लिए गए सैंपल भी अमानक पाए गए हैं, जिसके कुल कट्टे 30 हजार से अधिक है और इसकी सब्सिडी एक करोड़ रुपए से ज्यादा है.

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