नई दिल्ली. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है, जिसके विरोध में शुक्रवार को देश भर में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा व्यापक प्रदर्शन किए जा रहे हैं.
राहुल गांधी के तीखे हमले और इस्तीफे की मांग
गुरुवार को एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्हें कथित साजिशों में सबसे ऊपर बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 महीनों में SIR के दौरान अन्य चुनाव आयुक्तों ने भी 14 बार आपत्तियां दर्ज कराई थीं. राहुल गांधी ने इस पूरे विवाद को 'वोट चोरी' और 'कानून चोरी' करार देते हुए देशहित के खिलाफ बताया है और CEC के इस्तीफे की मांग की है.
विपक्षी दलों का समर्थन और आक्रामक तेवर
इस मामले पर विपक्षी दलों ने एकजुटता दिखाई है:
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी CEC के इस्तीफे की मांग करते हुए उन्हें भाजपा की कठपुतली बताया.
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने ज्ञानेश कुमार पर वोटर लिस्ट से लगभग 13 करोड़ नाम हटाने की अनुमति देने का आरोप लगाते हुए उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग की है.
राष्ट्रीय जनता दल (RJD), वामपंथी दलों (CPI, CPI(M), CPI(ML) आदि) और अन्य विपक्षी संगठनों ने भी CEC के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
देशभर में विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन
इस विवाद के चलते शुक्रवार को देश के विभिन्न राज्यों में प्रदर्शनों का दौर जारी है:
बिहार: RJD ने पटना सहित सभी जिला मुख्यालयों पर पुतला दहन और प्रदर्शन का ऐलान किया है.
दिल्ली: भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेता चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं.
अन्य राज्य: मध्य प्रदेश, असम और पंजाब (सचिन पायलट के नेतृत्व में) सहित कई अन्य जगहों पर कांग्रेस और वामपंथी दल सड़कों पर उतर आए हैं. वाम दलों ने 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक देशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है.


