ओटावा। अमेरिका और कनाडा के मध्य पिछले काफी समय से चले आ रहे व्यापारिक गतिरोध के बीच अब दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ताओं में तेजी देखने को मिल रही है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बयान दिया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन व्यापारिक समझौतों को लेकर कनाडाई रुख के काफी करीब पहुंचता नजर आ रहा है। हालांकि, इसके बावजूद कनाडा अपनी तय शर्तों और हितों से किसी भी प्रकार का समझौता करने के लिए तैयार नहीं है। यह कूटनीतिक घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब संयुक्त राज्य अमेरिका में मिडटर्म चुनाव बेहद नजदीक हैं और आयात शुल्क यानी टैरिफ का मुद्दा वहां की घरेलू चुनावी राजनीति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।
कनाडाई शर्तों के करीब आ रहा अमेरिका और सकारात्मक बातचीत की पुष्टि
प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सोमवार को स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ चल रही व्यापारिक वार्ताओं में जो थोड़ी बहुत प्रगति हुई है, उसका कारण कनाडा द्वारा अपनी मांगें कम करना बिल्कुल नहीं है, बल्कि यह अमेरिकी प्रशासन के रुख में आए लचीलेपन के कारण संभव हुआ है। कार्नी का कहना है कि यदि वार्ताओं में कोई सकारात्मक बदलाव आया है तो वह केवल इसलिए क्योंकि अमेरिका उनकी शर्तों के अनुरूप आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में कनाडा के व्यापार मंत्री डोमिनिक लेब्लांक के आधिकारिक कार्यालय ने भी दोनों पड़ोसी देशों के बीच हो रही सकारात्मक वार्ताओं की पुष्टि की है, जबकि अमेरिकी आर्थिक सलाहकार केविन हैसेट ने भी भविष्य में एक नए व्यापार समझौते की मजबूत उम्मीद जताई है।
पूर्व में टूट चुकी थी समझौते की उम्मीद और टैरिफ युद्ध की पृष्ठभूमि
इससे पूर्व अगस्त माह के दौरान दोनों देश किसी व्यापारिक समझौते के बेहद करीब पहुंच गए थे, किंतु कनाडा ने अमेरिकी शर्तों को मानने से साफ इनकार कर दिया था। प्रधानमंत्री कार्नी के अनुसार अमेरिकी मांगें कनाडाई प्राथमिकताओं और सीमाओं से बाहर थीं, जिसके परिणामस्वरूप अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कनाडा से आयात होने वाले लगभग बीस अरब डॉलर मूल्य के सामान पर पचास प्रतिशत का भारी-भरकम टैरिफ थोप दिया था। इसके जवाब में ओटावा सरकार ने भी अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी शुल्क लगा दिए थे, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों में भारी तनाव पैदा हो गया था। हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ हटाने के संकेत देने के साथ ही कुछ अन्य उत्पादों पर नए शुल्क लगाने की बात भी कही है, जिससे चुनावी मंचों पर यह विषय और अधिक गरमा गया है।
कनाडा द्वारा नए वैश्विक बाजारों की तलाश और यूरोपीय संघ से बढ़ती नजदीकियां
अमेरिकी राष्ट्रपति की टैरिफ नीतियों और कनाडा को लेकर दिए गए बयानों के बाद कार्नी सरकार अब अपने व्यापारिक हितों के लिए अन्य वैकल्पिक बाजारों की तलाश पर जोर दे रही है। कनाडाई प्रशासन का मुख्य लक्ष्य आगामी दशक में संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर अपने कुल निर्यात के आंकड़ों को दोगुना करना है। इसी रणनीतिक दिशा में आगे बढ़ते हुए प्रधानमंत्री कार्नी मॉन्ट्रियल में यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं की मेजबानी कर रहे हैं, जहां दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक और सुरक्षा संबंधों को प्रगाढ़ बनाने पर गहन चर्चा की जा रही है। यूरोपीय आयोग द्वारा कनाडा को अपना प्रमुख सहयोगी सदस्य बनाने का प्रस्ताव भी इन रिश्तों को नई ऊंचाइयां प्रदान कर रहा है।


