जयपुर। राजस्थान सरकार ने राज्य के मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए 'मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना' के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम समय-सीमा को बढ़ाकर 5 नवंबर कर दिया है। इस फैसले के बाद प्रदेश के जरूरतमंद छात्र विभिन्न सूचीबद्ध प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के माध्यम से निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकृत पोर्टल पर 5 नवंबर तक अपना ऑनलाइन आवेदन पंजीकृत करा सकेंगे।
पात्र अभ्यर्थियों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए लिया गया निर्णय
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव ललित कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व में तय की गई समय-सीमा समाप्त होने के बावजूद कई पात्र एवं होनहार अभ्यर्थी आवश्यक दस्तावेजों की कमी अथवा तकनीकी बाधाओं के कारण आवेदन करने से वंचित रह गए थे। विभाग ने छात्रों के व्यापक हित और उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए तिथि बढ़ाने का यह संवेदनशील कदम उठाया है, ताकि राज्य के दूरदराज इलाकों में रहने वाले अंतिम छोर के अभ्यर्थी को भी गुणवत्तापूर्ण कोचिंग प्राप्त करने का समान अवसर मिल सके।
विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों की तैयारी हेतु सहायता
मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना का मुख्य उद्देश्य प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रशासनिक सेवाओं जैसे संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) और राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की परीक्षाओं के साथ-साथ इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा (जेईई), मेडिकल प्रवेश परीक्षा (नीट), लॉ प्रवेश परीक्षा (क्लैट) तथा अन्य उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वित्तीय सहायता और निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराना है। विभाग ने सभी इच्छुक अभ्यर्थियों से आग्रह किया है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपनी आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।
पात्रता के मापदंड और 10वीं-12वीं के प्राप्तांकों से होगा चयन
योजना के तहत अभ्यर्थियों का चयन उनकी 10वीं और 12वीं कक्षा में प्राप्त अंकों की मेरिट सूची के आधार पर किया जाता है। नियमानुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) तथा विशेष योग्यजन अभ्यर्थियों के लिए सीटें आरक्षित रखी गई हैं। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक के परिवार की समस्त स्रोतों से कुल वार्षिक आय आठ लाख रुपये या उससे कम होना अनिवार्य है।
एसएसओ पोर्टल के जरिए होगा आवेदन, इन दस्तावेजों की होगी आवश्यकता
इच्छुक विद्यार्थियों को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के ऑनलाइन एसएसओ पोर्टल के माध्यम से ही अपना आवेदन जमा करना होगा। आवेदन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों के पास उनका जनाधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र और संबंधित कक्षाओं की अंकतालिकाएं होना आवश्यक है। शासन के इस निर्णय से प्रदेश के हजारों मेधावी युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए सीधी मदद प्राप्त होगी।


