जगदलपुर: बस्तर जिला मुख्यालय के बोधघाट थाना क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर मुस्तैद बोधघाट पुलिस और 'ब्लैक पैंथर' की संयुक्त टीम ने स्कूटी पर सवार दो शातिर नशा तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नाकेबंदी के दौरान आरोपियों के पास मौजूद दो पिट्ठू बैगों से भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त किए गए इस 15 किलोग्राम गांजे की अनुमानित कीमत 7 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक्टिवा स्कूटी को भी राजसात कर लिया है।
बायपास रोड पर बिछाया गया था जाल
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग ने बताया कि पुलिस को खुफिया तंत्र से सूचना मिली थी कि 12 जून को दो युवक नेतानार की तरफ से बाईपास मार्ग होते हुए लामनी रोड के रास्ते बोधघाट चौक की ओर आ रहे हैं। ये युवक अपने बैगों में गांजे की खेप छिपाकर जगदलपुर शहर में खपाने की फिराक में थे।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल थाना स्तर के स्टाफ और ब्लैक पैंथर की विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने लामनी रोड पर तत्काल एमसीपी (चेक पोस्ट) लगाकर वाहनों की चेकिंग शुरू की। कुछ ही समय बाद लामनी की तरफ से मुखबिर के बताए हुलिए के अनुसार एक स्कूटी पर दो संदिग्ध लड़के आते दिखाई दिए, जिन्हें पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी कर रोक लिया।
बैग खोलते ही खुली पोल, एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपनी पहचान निम्नलिखित रूप में बताई:
सुनील कश्यप (उम्र 28 वर्ष), निवासी नानगुर।
सागर कश्यप (उम्र 22 वर्ष), निवासी ग्राम नेगीगुड़ा।
जब पुलिस टीम ने संदेह के आधार पर उनके दोनों पिठ्ठू बैगों की सघन तलाशी ली, तो उसके अंदर से खाकी रंग के पैकेटों में लिपटा हुआ कुल 15.110 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके अलावा आरोपियों के पास से एक पुराना ओप्पो (Oppo) स्मार्टफोन, एक लावा (Lava) कंपनी का कीपैड मोबाइल और नगद 1100 रुपये जब्त किए गए।
जब पुलिस ने आरोपियों से गांजा परिवहन और उसकी खरीद-बिक्री से संबंधित वैध दस्तावेज या लाइसेंस की मांग की, तो वे कोई भी कागज पेश नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने मादक पदार्थ को जब्त कर दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 20(b) ii (B) NDPS Act (स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम) के तहत अपराध पंजीकृत कर लिया। गिरफ्तारी की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों तस्करों को न्यायिक रिमांड पर जगदलपुर के विशेष एनडीपीएस न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।


