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    18 अवॉर्ड अपने नाम कर चुकी ‘पायर’, अब भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तैयार

    उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की सुरम्य वादियों में रहने वाले एक बुजुर्ग दंपति के जीवन पर आधारित एक बेहद संवेदनशील और मार्मिक कहानी अब बड़े परदे पर दर्शकों को देखने को मिलेगी। राष्ट्रीय पुरस्कार (नेशनल अवॉर्ड) विजेता जाने-माने फिल्मकार विनोद कापड़ी द्वारा निर्देशित फिल्म 'पायरे' (Pyare) जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह फिल्म रिलीज से पहले ही दुनिया भर के विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों पर अब तक कुल 18 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम कर चुकी है।

    फिल्म की मूल कथा और मुख्य कलाकार

    इस फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें 80 वर्षीय पदम सिंह कापड़ी और 70 वर्षीया हीरा देवी मुख्य भूमिकाओं में हैं, जो इस फिल्म के जरिए पहली बार अभिनय की दुनिया में कदम रख रहे हैं। यह फिल्म मुख्य रूप से प्यार, बुढ़ापे के अकेलेपन, पुरानी स्मृतियों और अपने बच्चों के रोजगार व भविष्य की तलाश में पहाड़ी गांवों से हो रहे पलायन (Migration) के दर्द के बीच माता-पिता के अनंत इंतजार की गाथा को बड़े ही प्रभावशाली ढंग से बयां करती है।

    सिनेमाघरों में कब होगी रिलीज?

    फिल्म 'पायरे' आगामी 23 अक्टूबर 2026 को पूरे भारत के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। इस फिल्म की पृष्ठभूमि कुमाऊं संभाग के एक दूरदराज और शांत पहाड़ी गांव की है, जहाँ एक वृद्ध दंपति का दैनिक जीवन उनके आशियाने, पुरानी यादों और एक-दूसरे के इर्द-गिर्द सिमटा हुआ है। उनके संतानें बेहतर भविष्य की चाहत में गांव से दूर जा चुकी हैं, और यह बुजुर्ग जोड़ा अपने बच्चों की राह ताकते हुए जीवन व्यतीत कर रहा है।

    निर्देशक विनोद कापड़ी के अनुभव

    फिल्म के दोनों मुख्य कलाकारों के चयन और उनके संस्मरणों पर बात करते हुए निर्देशक विनोद कापड़ी ने साझा किया कि इन दोनों के वास्तविक जीवन के अनुभवों ने इस पटकथा को बेहद स्वाभाविक और जीवंत बना दिया है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म मूल रूप से दो ऐसे इंसानों के बीच के अटूट प्रेम की कहानी है जिन्होंने अपनी जिंदगी का अधिकांश समय साथ बिताया है, और साथ ही यह माता-पिता व उनकी संतान के बीच के आत्मीय रिश्ते को भी दर्शाती है।

    निर्देशक ने आगे बताया कि पदम सिंह जी और हीरा देवी जी जैसे वास्तविक किरदारों को तलाशना एक बेहद असाधारण अनुभव रहा। उनके आपसी रिश्ते, उनकी सहज खामोशी और आंखों के भावों ने परदे पर जो जीवंतता और सच्चाई ला दी है, उसे कोई भी पेशेवर और मंजा हुआ कलाकार दोबारा पर्दे पर नहीं उतार सकता था। उल्लेखनीय है कि फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने वाले पदम सिंह कापड़ी एक सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) फौजी हैं, जबकि उनकी सह-कलाकार हीरा देवी एक गृहिणी और पूर्व लोक नृत्यांगना हैं।

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल चुकी है भारी सराहना

    इस बहुचर्चित फिल्म का विश्व प्रीमियर (World Premiere) 28वें टालिन ब्लैक नाइट्स फिल्म फेस्टिवल में संपन्न हुआ था, जहाँ इसने प्रतिष्ठित 'POFF बेस्ट फिल्म ऑडियंस अवॉर्ड' अपने नाम किया था। इसके पश्चात, इस फिल्म को साओ पाउलो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, कैम्ब्रिज फिल्म फेस्टिवल, बाथ फिल्म फेस्टिवल, फज्र इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और केरल के अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव समेत दुनिया भर के कई नामचीन फिल्म समारोहों में प्रदर्शित किया जा चुका है।

    फिल्म निर्माताओं के अनुसार, यह फिल्म अब तक कुल 18 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी है, जिनमें अकेले 15 पुरस्कार 'सर्वश्रेष्ठ फिल्म' (Best Film) की श्रेणी में मिले हैं। इसके अतिरिक्त, फिल्म को सर्बिया और बोस्टन में 'सर्वश्रेष्ठ निर्देशक' (Best Director) के पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी, संगीत और ध्वनि संकलन (साउंड डिजाइन) को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहा गया है। इस फिल्म का निर्माण विनोद कापड़ी, सुरेश जोशी और अरिंद्र राय चौधरी द्वारा 'भागीरथी फिल्म्स' और 'मशकबीन स्टूडियोज' के बैनर तले किया गया है, जबकि देश भर के सिनेमाघरों में इसका वितरण 'सिनेपोलिस' द्वारा किया जाएगा। फिल्म का मनमोहक संगीत ऑस्कर विजेता संगीतकार माइकल डैना ने तैयार किया है, और इसके सभी गीत प्रसिद्ध गीतकार गुलजार द्वारा लिखे गए हैं।

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