नई दिल्ली। छात्र संघ चुनाव की पुनर्बहाली की मांग को लेकर जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में चल रहा आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात करने के लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी जामिया परिसर के लिए रवाना हो चुके हैं। परिसर में बढ़ते तनाव और कानून-व्यवस्था को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में सख्त पाबंदियां लागू कर दी हैं।
छावनी में तब्दील हुआ परिसर, धारा 163 लागू
जामिया परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर किसी भी प्रकार के सार्वजनिक जमावड़े पर प्रतिबंध लगा दिया है। सुरक्षा बलों ने ओखला हेड से लेकर कुलपति आवास तक के रास्तों पर अवरोधक लगा दिए हैं, जिससे मंगलवार को प्रस्तावित विरोध मार्च भी आयोजित नहीं हो सका। एहतियात के तौर पर अर्धसैनिक बलों और पुलिस की कई टुकड़ियों को तैनात किया गया है और लाउडस्पीकर के माध्यम से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
दरवाजों की किलेबंदी और सुरक्षा में बढ़ोतरी
प्रदर्शनकारी छात्रों का प्रवेश रोकने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर की बाउंड्री वॉल और मुख्य द्वारों को टिन शेड और लोहे की चादरों से ढका है। कई स्थानों पर पुरानी ग्रिल हटाकर पक्की दीवारें खड़ी की जा रही हैं और निगरानी के लिए अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि मुख्य गेटों को सुरक्षा बलों ने पूरी तरह से सील कर दिया है, हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल शैक्षणिक माहौल और परिसर की सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
छात्र संघ चुनाव और निलंबन वापसी की जिद
विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के बाहर डेरा डाले छात्र नेताओं का स्पष्ट कहना है कि जब तक प्रशासन छात्र संघ चुनाव की स्पष्ट समयसीमा घोषित नहीं करता और आंदोलन में शामिल छात्रों पर दर्ज मुकदमे व निलंबन आदेश वापस नहीं लेता, तब तक अनशन और धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी कक्षाएं ऑनलाइन संचालित करने के निर्देश जारी किए हैं।


