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    राम मंदिर चढ़ावा कांड: अब तक 79 लाख रुपये बरामद, टिन्नू यादव के घर पहुंची पुलिस

    अयोध्या (उत्तर प्रदेश): राम मंदिर के चढ़ावा गबन मामले में पुलिस प्रशासन की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। रविवार सुबह पुलिस की विभिन्न टीमों ने इस मामले के सभी आठ आरोपियों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया। पुलिस ने आरोपियों के घरों की गहन तलाशी ली और वहां मौजूद परिजनों से लंबी पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। इस दौरान अनुकल्प मिश्रा, अवनीश शुक्ला, मनीष यादव और टिन्नू यादव समेत अन्य आरोपियों के आवासों पर पुलिस का कड़ा पहरा रहा।

    साक्ष्य जुटाने के लिए घेराबंदी

    जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवधान मुक्त रखने के लिए कार्रवाई के दौरान आरोपियों के घरों के मुख्य द्वारों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति अंदर प्रवेश न कर सके। पुलिस टीमों ने परिजनों के साथ-साथ उनके पड़ोसियों और स्थानीय लोगों से भी बातचीत कर अहम जानकारियां जुटाईं। पुलिस प्रशासन की ओर से स्थानीय नागरिकों को भी यह अवसर दिया गया है कि यदि उनके पास इस मामले से जुड़ा कोई साक्ष्य या बयान है, तो वे उसे जांच टीम के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।

    एसआईटी की रिपोर्ट के बाद एक्शन

    इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब बीते ६ जून को राम मंदिर की चढ़ावा राशि में हेराफेरी की बात सामने आई थी। मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर प्रदेश सरकार ने तुरंत मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। एसआईटी ने दो दिन पहले ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपी, जिसमें स्पष्ट हुआ कि दान राशि की गिनती में लगे कुछ कर्मियों ने ही इस चढ़ावे की चोरी की है। इस रिपोर्ट के आधार पर बृहस्पतिवार शाम को मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने रामजन्मभूमि थाने में एफआईआर दर्ज कराई।

    सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में

    दर्ज मामले के अनुसार, गिनती प्रक्रिया में शामिल कर्मी अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा के साथ-साथ पर्यवेक्षण कार्य देख रहे सुभाष श्रीवास्तव और महासचिव चंपत राय के चालक रामशंकर उर्फ टिन्नू की भूमिका प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बृहस्पतिवार को मामला दर्ज किया और शुक्रवार को सभी आठों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटाकर मामले की विवेचना को आगे बढ़ा रही है।

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