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    Homeराज्यबिहाररांची धुर्वा डैम हादसा: चौथे पुलिसकर्मी का शव बरामद, जानिए क्या है...

    रांची धुर्वा डैम हादसा: चौथे पुलिसकर्मी का शव बरामद, जानिए क्या है मामला?

    Ranchi : धुर्वा डैम में लगातार तीन दिनों की खोजबीन के बाद लापता पुलिसकर्मी सत्येंद्र भारद्वाज का शव आखिरकार रविवार सुबह बरामद कर लिया गया। शव डैम के किनारे पानी में तैरता हुआ मिला, जिसके बाद पुलिस और NDRF टीम ने उसे कब्जे में लिया।

    कैसे हुई दुर्घटना?

    13 नवंबर की रात चार पुलिसकर्मी—उपेंद्र कुमार सिंह, रोबिन कुजूर, सतेंद्र सिंह और सत्येंद्र भारद्वाज—एक कार से धुर्वा डैम क्षेत्र से गुजर रहे थे। उसी दौरान वाहन अनियंत्रित होकर सीधे डैम में जा गिरा। डैम के गहरे पानी में कार कुछ ही सेकंड में डूब गई, जिससे चारों पुलिसकर्मी पानी में फंस गए।

    तीन शव पहले ही मिल चुके थेः

    घटना के अगले दिन, यानी 14 नवंबर को स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तीन पुलिसकर्मियों—उपेंद्र कुमार सिंह, रोबिन कुजूर और सतेंद्र सिंह—के शव कार के पास से बरामद किए गए थे। लेकिन चौथे पुलिसकर्मी सत्येंद्र भारद्वाज का कुछ पता नहीं चल पाया था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, जबकि प्रशासन और पुलिस ने तुरंत NDRF टीम को सर्च ऑपरेशन में लगा दिया था।

    तीन दिन चला लगातार सर्च ऑपरेशनः

    NDRF की टीम ने ड्रोन, डीप-डाइविंग उपकरण, बोट और सोनार तकनीक की मदद से डैम के आसपास हर क्षेत्र की गहन तलाशी ली। कंट्रोल रूम से हर घंटे अपडेट लिया जा रहा था। डैम का पानी गहरा होने और कीचड़ ज्यादा होने के कारण खोज में दिक्कत आ रही थी। इसी बीच रविवार सुबह करीब 9 बजे स्थानीय लोगों ने किनारे पर एक शव को तैरते हुए देखा। पुष्टि के बाद पता चला कि वह सत्येंद्र भारद्वाज का ही शव है।

    परिवार और पुलिस विभाग में शोकः

    चार पुलिसकर्मियों की एक साथ मृत्यु ने पूरे पुलिस विभाग को सदमे में डाल दिया है। परिवारों में मातम पसरा हुआ है। वरिष्ठ अधिकारियों ने परिजनों को सांत्वना दी और उचित सहायता उपलब्ध कराने की बात कही।

    कार कैसे गिरी डैम में? जांच जारीः

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दुर्घटना की रात सड़क पर अंधेरा और फिसलन थी। संभावना यह भी जताई जा रही है कि मोड़ पर कार का संतुलन बिगड़ गया। पुलिस अब वाहन की स्थिति, ब्रेक सिस्टम और ड्राइविंग परिस्थितियों की जांच कर रही है। डैम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि डैम के पास सुरक्षा रेलिंग मजबूत होनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

    घटना के बाद प्रशासन अलर्टः

    •  धुर्वा डैम इलाके में रात के समय पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है
    • डैम के आस-पास लगे पुराने बैरिकेड्स को चिह्नित किया गया है
    • भविष्य में सुरक्षा सुधार के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है

     

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