भोपाल: केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संसद में कांग्रेस से सवाल किया कि सुभाष चंद्र बोस, रानी लक्ष्मीबाई, रामप्रसाद बिस्मिल, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह और वल्लभ भाई पटेल जैसी महान विभूतियों के नाम पर कितनी योजनाएं बनीं. शिवराज सिंह चौहान विकसित भारत जी राम जी योजना पर बोल रहे थे.
उन्होंने विपक्ष को लेकर कहा कि इस योजना को लेकर विपक्ष ये कह रहा था कि राज्यों के पास योजना के लिए पैसा कहां से आएगा लेकिन राज्यों ने भी अपने बजट में प्रावधान कर दिया है. उन्होंने कहा कि झारखंड, केरल और पंजाब जैसे गैर भाजपा शासित राज्यों ने भी इस योजना के लिए बजट में राशि रखी है.
शिवराज ने पूछा कांग्रेस बताए इनके नाम पर कितनी योजनाएं
मंगलवार को संसद में जी राम जी योजना पर चर्चा के दौरान केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश के अमर शहीदों के नाम लिए और उनके जिक्र के साथ सवाल किया कि कांग्रेस ये भी बताए कि देशभक्तों के नाम पर कितनी योजनाओं के नाम रखे गए हैं.
उन्होंने सुभाष चंद्र बोस का जिक्र करते हुए कहा कि "जिन्होंने कहा था कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा. जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी. जिनके शब्द आज भी राष्ट्रभाव जगाते हैं. चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह, जिन्होंने हंसते-हंसते देश के लिए जीवन का बलिदान दिया. वल्लभभाई पटेल, जिन्होंने भारत को एक सूत्र में पिरोया. महारानी लक्ष्मी बाई जिन्होंने कहा कि मैं अपने खून की आखिरी बूंद तक लड़ूंगी लेकिन अपनी झांसी नहीं दूंगी. इन महान विभूतियों के नाम पर कितनी योजनाएं बनीं, ये बताइए."
शिवराज का तंज महासंग्राम में 2 महामजदूर दिखे
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि "मनरेगा की जगह नई विकसित भारत योजना की बात होते ही कांग्रेस ने बड़े संग्राम की बात की. कहा गया कि, संग्राम होगा, महासंग्राम होगा. इसे लेकर फोटो में महासंग्राम करते दो महामजदूर दिखाई दिए. सिर पर गमछा, कंधे पर कुदाल लेकिन नीचे जींस का पैंट. कई तारीखें घोषित की गईं. 5 जनवरी, फिर 8 जनवरी, फिर 10 जनवरी, लेकिन देश में कहीं कोई संग्राम दिखाई नहीं दिया.बड़ी-बड़ी बातें हुई, लेकिन हकीकत में तो कहीं पत्ता भी नहीं हिला."
शिवराज बोले जी राम जी के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट
जीराम जी के लिए किये गए बजट के प्रावधान को लेकर शिवराज सिंह ने कहा कि "केंद्र सरकार ने जी राम जी योजना के लिए केंद्रीय बजट में अब तक का सबसे बड़ा प्रावधान 95,692 करोड़ रुपये किया है. विपक्ष कह रहा था कि, राज्यों के पास पैसा कहां से आएगा, लेकिन राज्यों ने भी अपने बजट में प्रावधान कर दिया है. झारखंड, केरल और पंजाब जैसे गैर-भाजपा शासित राज्यों ने भी इस योजना के लिए बजट में राशि रखी है. इससे साफ है कि योजना को पूरे देश में स्वीकार किया जा रहा है."


