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    प्रेयर मीट में गूंजा सोनू निगम का स्वर, सतीश शाह की पत्नी हुईं भावुक, सितारों ने याद किए पुराने पल

    मुंबई: मुंबई के जुहू स्थित जलाराम हॉल में सोमवार की शाम एक ऐसी प्रार्थना सभा हुई जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। यह हंसी के बेताज बादशाह, सिनेमा और टेलीविजन के दिग्गज अभिनेता सतीश शाह को याद करने का पल था। 25 अक्टूबर को किडनी फेलियर के कारण उनका निधन हुआ था और अब फिल्म इंडस्ट्री, दोस्तों और परिवार ने उन्हें सुरों के जरिए विदाई दी।

    सुरों के जरिए दी श्रद्धांजलि
    प्रेयर मीट की शुरुआत मौन रखकर की गई, लेकिन कुछ देर बाद माहौल संगीत से भर उठा। सोनू निगम ने फिल्म गाइड का मशहूर गीत ‘तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं’ गाकर सतीश शाह की याद में हर किसी को भावुक कर दिया। सोनू निगम ने यह गीत सतीश शाह की पत्नी मधु शाह के सामने बैठकर गाया। वीडियो में सोनू के चेहरे पर गहरा सम्मान झलक रहा था। जब उन्होंने माइक मधु की ओर बढ़ाया, तो वो कुछ बोल न सकीं- बस एक शब्द कहकर रह गईं। यह पल देख हॉल में बैठे हर शख्स की आंखों में आंसू थे।

    पत्नी मधु शाह के लिए जीना चाहते थे सतीश शाह
    सतीश शाह हमेशा अपने जीवनसाथी मधु के साथ एक मजबूत रिश्ता साझा करते थे। मधु पिछले कुछ वर्षों से अल्जाइमर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। बताया जाता है कि सतीश ने इसी वजह से अपनी सेहत पर ध्यान दिया और किडनी ट्रांसप्लांट करवाया था ताकि वे अपनी पत्नी की देखभाल लंबे समय तक कर सकें। मगर किस्मत ने उन्हें यह मौका नहीं दिया।
     
    इंडस्ट्री के दिग्गजों की मौजूदगी
    इस प्रार्थना सभा में हिंदी सिनेमा और टीवी जगत के कई बड़े नाम पहुंचे- राकेश रोशन, डेविड धवन, शत्रुघ्न सिन्हा, जॉनी लीवर, पद्मिनी कोल्हापुरी, पूनम ढिल्लों, भुवन बाम और कई निर्माता-निर्देशक शामिल हुए। हर किसी के चेहरे पर गम और आंखों में सतीश शाह के प्रति सम्मान था।

    ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ की टीम एक बार फिर साथ
    इस मौके की एक और भावुक झलक देखने को मिली जब ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ की पूरी टीम- रुपाली गांगुली, सुमीत राघवन, राजेश कुमार और प्रोड्यूसर जमनादास मजीठिया ने एक साथ शो का टाइटल ट्रैक गाया। यह वही गाना था जिसने कभी सतीश शाह को हर घर का ‘इंद्रवदन साराभाई’ बना दिया था।
    “हम सब साथ हैं” – जेडी मजेठिया

    एक विरासत जो अमर रहेगी
    सतीश शाह ने अपने चार दशकों लंबे करियर में ‘जाने भी दो यारों’, ‘मैं हूं ना’, ‘कल हो ना हो’, और ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ जैसी यादगार कृतियों से दर्शकों के दिलों में जगह बनाई। उनकी टाइमिंग, हास्य और संवेदनशील अभिनय ने उन्हें भारतीय कॉमेडी का एक अभिन्न हिस्सा बना दिया।

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