साहिबगंज: झारखंड के साहिबगंज जिले में प्राकृतिक आपदा और बाढ़ के संकट के बीच एक बिजली मिस्त्री के अदम्य साहस की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। सदर प्रखंड के महादेवगंज पावर सब-स्टेशन (PSS) क्षेत्र में 11 केवी की हाई-वोल्टेज लाइन में आई खराबी को ठीक करने के लिए नाव न मिलने पर संविदा कर्मी अखिलेश कुमार ने अपनी जान जोखिम में डाल दी। उन्होंने एक पोल से दूसरे पोल तक बिजली के तारों के सहारे लटककर फॉल्ट को दुरुस्त किया और क्षेत्र की बिजली व्यवस्था बहाल की।
बाढ़ के पानी और जहरीले जीवों के बीच तलाशना पड़ा फॉल्ट
महादेवगंज पीएसएस क्षेत्र में मुख्य आपूर्ति लाइन बार-बार ट्रिप कर रही थी। जलभराव के कारण तकनीकी कर्मचारियों को खराबी का सटीक स्थान ढूंढने में पूरा दिन लग गया। बाद में जानकारी मिली कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र से आगे टाटा मोटर रिपेयरिंग सेंटर के पीछे मुख्य लाइन में खराबी है।
नाव की अनुपलब्धता: पानी भरा होने के कारण मौके तक पहुंचने के लिए कोई नाव उपलब्ध नहीं थी।
विषैले जीवों का खतरा: खंभों के आसपास बाढ़ के पानी के साथ घनी झाड़ियां और जहरीले सांप मौजूद थे, जिससे नीचे उतरकर दूसरे पोल पर चढ़ना बेहद खतरनाक था।
तार के सहारे पहुंचकर ठीक की लाइन, कई इलाकों में लौटी बिजली
खतरे को देखते हुए मिस्त्री अखिलेश कुमार पहले खंभे पर चढ़े और 11 केवी के तार को पकड़कर लटकते हुए दूसरे खंभे तक पहुंचे। कार्य शुरू करने से पहले पावर सब-स्टेशन से मुख्य बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद (परमिट) करा ली गई थी। फॉल्ट दुरुस्त होते ही महादेवगंज, मुस्लिम टोला और मिर्जाचौकी समेत आधा दर्जन ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल हो गई, जिससे भीषण गर्मी में ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली। इस दौरान उनके सहयोगी चंदन शर्मा, हजारी मंडल, मंटू कुमार और विकास कुमार भी मौके पर तैनात रहे।
सुरक्षा उपकरणों की कमी और कर्मियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
वायरल तस्वीर में मिस्त्री द्वारा किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE Kit) का उपयोग न किए जाने पर विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं:
सेफ्टी किट का अभाव: काम के दौरान मिस्त्री के पास सुरक्षा दस्ताने, हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और इंसुलेटेड जूते नहीं थे।
दैनिक वेतनभोगियों की स्थिति: बिजली व्यवस्था संभालने वाले अधिकांश आउटसोर्स और दैनिक वेतनभोगी (Daily Wagers) कर्मियों को पीएफ और दुर्घटना बीमा जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं।
विभागीय अधिकारियों का पक्ष
मामले पर विभागीय लाइनमैन संतोष कुमार ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों को सुरक्षा किट मुहैया कराई जाती है। उन्होंने बताया कि मिस्त्री अखिलेश ने अत्यंत साहस का परिचय दिया और पावर हाउस से शटडाउन लेने के बाद ही लाइन दुरुस्त की गई, जिससे किसी भी तरह का जानमाल का जोखिम नहीं रहा।


