भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कटनी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार भविष्य की योजनाओं से किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जिस तरह नर्मदा घाटी की सिंचाई परियोजनाओं से मालवा और निमाड़ क्षेत्र में कृषि का विस्तार हुआ है, उसी तरह सतना और कटनी क्षेत्र के विकास के लिए प्रयास जारी हैं। स्लीमनाबाद सिंचाई परियोजना से इस क्षेत्र के किसानों के लिए नए मार्ग प्रशस्त हुए हैं। कटनी मुख्य रूप से खनिज बहुल क्षेत्र माना जाता है, लेकिन शासन के प्रयासों से अब यहाँ आधुनिक और व्यावसायिक खेती की व्यापक संभावनाएं बनी हैं। किसानों द्वारा पारंपरिक खेती से हटकर चिया सीड, अश्वगंधा और सूखे मेवे काजू की प्रोसेसिंग शुरू करना अत्यंत शुभ संकेत है।
गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार की घोषणा, श्रेष्ठ दुग्ध पालकों को मिलेगा नकद इनाम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार प्राकृतिक व जैविक खेती के साथ पशुपालन और मत्स्य पालन को विशेष प्रोत्साहन दे रही हैं। दीपावली पर्व पर गोवर्धन पूजन के दौरान प्रदेश के 'वृंदावन गांवों' में गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसमें सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करने वाली गायों के पालकों को नकद पुरस्कार दिए जाएंगे, जिसमें प्रथम पुरस्कार 1 लाख रुपए, द्वितीय पुरस्कार 50 हजार रुपए और तृतीय पुरस्कार 25 हजार रुपए तय किया गया है।
नरवाई प्रबंधन के लिए यंत्रों पर 90 हजार रुपए की सब्सिडी
संवाद के दौरान बोहरीबंद के किसान गोविंद पटेल ने बताया कि हैप्पी सीडर और सुपर सीडर के प्रयोग से नरवाई प्रबंधन में बेहतर काम हो रहा है। योजना के तहत 1 लाख 90 हजार रुपए तक के कृषि यंत्रों पर शासन द्वारा 90 हजार रुपए की सब्सिडी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जिले में विशेष क्षेत्र चिह्नित कर किसानों को यंत्र उपलब्ध कराने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
पीएमएफएमई योजना से काजू प्रोसेसिंग कर कमा रहे मुनाफा
कार्यक्रम के दौरान किसान संकेत नवानी ने बताया कि उन्होंने पीएमएफएमई योजना के तहत 10 लाख रुपए की सब्सिडी प्राप्त कर काजू की प्रोसेसिंग, ग्रेडिंग, कटिंग और सेलिंग का कार्य शुरू किया है, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा हो रहा है। वहीं किसान रामरूप पटेल ने 8 एकड़ भूमि में मिर्च, बैंगन, धान, गेहूं और बागवानी फसलों के विविधतापूर्ण प्रबंधन की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने चंद्रभान कुशवाहा सहित अन्य उन्नतशील किसानों के नवाचारों की सराहना की।


