भोपाल। मध्यप्रदेश के राजस्व विभाग में कार्यरत मैदानी और लिपिकीय अमले के लिए पदोन्नति का सुनहरा अवसर सामने आया है। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (एमपीईएसबी) सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा-2026 का आयोजन करने जा रहा है, जिसके माध्यम से नायब तहसीलदार के 73 पदों पर भर्ती की जाएगी। इस चयन प्रक्रिया में विभाग के योग्य पटवारी, राजस्व निरीक्षक (आरआई) और लिपिक संवर्ग के कर्मचारी हिस्सा ले सकेंगे।
17 सितंबर से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन
इच्छुक और पात्र विभागीय कर्मचारी 17 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन पत्रों में त्रुटि सुधार के लिए 6 अक्टूबर तक की मोहलत दी गई है। मंडल द्वारा परीक्षा 14 नवंबर से आयोजित किया जाना संभावित है, जिसके लिए भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में केंद्र बनाए जाएंगे।
शैक्षणिक योग्यता और सेवा अनुभव के कड़े नियम
परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए राजस्व विभाग के लिपिकीय संवर्ग, पटवारी अथवा राजस्व निरीक्षक के पद पर न्यूनतम 5 वर्ष की निरंतर सेवा पूरी होना अनिवार्य है। यह सेवा स्थायी अथवा स्थानापन्न दोनों रूपों में मान्य होगी। इसके साथ ही अभ्यर्थी के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कला, विज्ञान, वाणिज्य अथवा कृषि संकाय में स्नातक डिग्री होना आवश्यक है। यह योग्यता आवेदन की अंतिम तिथि तक पूर्ण होनी चाहिए; इसके बाद उपाधि प्राप्त करने वाले कर्मचारी अमान्य होंगे।
संवर्गवार पदों का बंटवारा
कुल 73 पदों में से 46 पद लिपिक वर्गीय सेवा संवर्ग और 27 पद पटवारी-आरआई संवर्ग के लिए निर्धारित किए गए हैं। लिपिक संवर्ग के 46 पदों में 32 पद नियमित रोस्टर और 14 पद बैकलॉग के शामिल हैं। वहीं, पटवारी-राजस्व निरीक्षक संवर्ग के 27 पदों में 12 नियमित और 15 बैकलॉग पद हैं। दोनों ही संवर्गों में ओबीसी आरक्षण को 14 और 13 प्रतिशत के फार्मूले के अनुसार विभक्त किया गया है।
आयु सीमा, प्रयास और परीक्षा का स्वरूप
अभ्यर्थी की उम्र 1 जनवरी 2026 को 55 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक पात्र कर्मी को इस सीमित प्रतियोगिता में अधिकतम तीन बार बैठने की अनुमति होगी। 100 अंकों की दो घंटे की वस्तुनिष्ठ (ऑब्जेक्टिव) परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। इसमें सफल होने के लिए अनारक्षित संवर्ग के अभ्यर्थियों को न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक और अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों को 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
वेतनमान, अपात्रता की शर्तें और आरक्षण
चयनित उम्मीदवारों को मध्यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम-2017 के अनुसार पे-मैट्रिक्स लेवल-9 (36,200 रुपये से 1,14,800 रुपये) और अनुषंगिक भत्ते देय होंगे। जिन कर्मचारियों पर विभागीय जांच चल रही हो, आरोप पत्र जारी हो चुका हो, पिछले पांच वर्षों के एसीआर में प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज हो या आपराधिक प्रकरण विचाराधीन हो, वे इस चयन के लिए अपात्र माने जाएंगे। कुल पदों में महिलाओं को 35 प्रतिशत और दिव्यांगों को 6 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण मिलेगा।
कर्मचारी कोड अनिवार्य, केंद्र पर सख्त सुरक्षा जांच
राजस्व विभाग के सेवारत अमले के लिए होने के कारण आवेदन में राज्य के मूल निवासी प्रमाण पत्र की बाध्यता नहीं रहेगी, लेकिन कार्मिकों को अपना आधिकारिक एम्प्लॉयी कोड दर्ज करना होगा। परीक्षा शुल्क 2,000 रुपये निर्धारित है। परीक्षा हॉल में प्रवेश के लिए वैध पहचान पत्र और बायोमेट्रिक सत्यापन आवश्यक रहेगा। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर और ब्लूटूथ जैसे सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स परीक्षा परिसर में पूरी तरह वर्जित रहेंगे।


