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    एमपी में 10 हजार करोड़ के हाई स्‍पीड रेल प्रोजेक्ट का हुआ ट्रायल, ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना का 97% काम पूरा

    MP News: बुंदेलखंड और बघेलखंड को जोड़ने वाली 541 किलोमीटर की सबसे बड़ी ललितपुर-सिंगरौली और महोबा-खजुराहो रेल परियोजना का काम 97 फीसदी पूरा हो गया है और इसके अगले साल शुरू होने की संभावना है. इस परियोजना की लागत 10,141 करोड़ रुपए है. इस रेल लाइन के लिए 35 साल पहले मांग उठी थी. केंद्र सरकार के अनुसार ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन प्रोजेक्ट वर्ष 2027 में पूरा होगा.

    वर्तमान में रीवा से सीधी तक रेल लाइन का निर्माण चल रहा है और इस नई लाइन पर सीधी जिले के बघवार तक हाई-स्पीड ट्रायल पूरा भी हो गया है. रीवा से सीधी के बघवार तक ट्रायल में 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पर इंजन परीक्षण पूरा किया गया. सोन नदी पर पुल (करवाह घाट) बन रहा है और रीवा-सीधी सुरंग एवं कई टनल का निर्माण जारी है. स्टेशन की निर्माण कार्य भी प्रगति पर है. रेल लाइन शुरू होने से बुंदेलखंड-बघेलखंड के 50 लाख से अधिक लोगों को फायदा होगा.

    तत्कालीन सांसद उमा भारती ने उठाई थी मांग
    ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन के लिए सबसे पहले वर्ष 1990 में मांग उठी. इसके बाद खजुराहो क्षेत्र की तत्कालीन सांसद उमा भारती ने रेल लाइन की मांग तेज की. बघेलखंड से डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल, सीधी सांसद रहीं रीति पाठक और राज्य सभा सदस्य रहे अजय प्रताप सिंह ने मांग आगे बढ़ाई. जानकारी के अनुसार रेल प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलने के बाद जमीन अधिग्रहण वर्ष 2001 से शुरू हुआ. परियोजना के लिए पहले 6,672 करोड़ रुपए की आवंटन पर सहमति बनी, लेकिन बाद में लागत बढ़कर 10,141 करोड़ हो गई. 1998 में ललितपुर-सतना-रीवा-सिंगरौली साथ ही महोबा-खजुराहो लाइन को सरकार ने स्वीकृत किया.

    न्यू ललितपुर टाउन स्टेशन रेलवे मानचित्र में शामिल
    नई सुविधाओं के तहत न्यू ललितपुर टाउन स्टेशन रेलवे मानचित्र में शामिल कर लिया गया है, जिससे खजुराहो की रेल सुविधा बेहतर होती है. बिरारी से महोबा तक रेल लाइन के डबलिंग (दोहरे ट्रैक) सर्वे पूरा हो चुका है, यानी इस खंड में अब दोहरीकरण की योजना अगले चरण में निर्माण के लिए प्रस्तावित किया जाएगा. विस्थापन को लेकर प्रोजेक्ट के तहत कई चुनौतियां भी आईं. उद्देश्य और महत्व बुंदेलखंड और बघेलखंड के क्षेत्रों को रेल मार्ग से जोड़ना. इससे ललितपुर से सतना, रीवा, सिंगरौली तक कनेक्टिविटी बढ़ेगी.

    मुख्य शहरों को रेल नेटवर्क से जुड़ेगा
    पर्यटन, व्यापार और यातायात की क्षमता बढ़ेगी. खजुराहो सांसद रहते हुए उमा भारती ही ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन की मांग उठाई थी. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से मुझे बहुत खुशी होगी. ट्रेन चलने से क्षेत्र का व्यापार-व्यवसाय बढ़ेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. क्षेत्र का विकास भी तेजी से होगा.

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