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    Homeदुनियाट्रंप और पत्रकार की बहस: माइक फेंकते हुए ट्रंप ने किया धक्का

    ट्रंप और पत्रकार की बहस: माइक फेंकते हुए ट्रंप ने किया धक्का

    वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बेहद तीखे और आक्रामक तेवरों को लेकर वैश्विक चर्चा में आ गए हैं। एक मशहूर टीवी न्यूज कार्यक्रम के दौरान ट्रंप और एक महिला पत्रकार के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक एक नया विवाद छेड़ दिया है। इंटरव्यू के दौरान पूछे गए सवालों से बुरी तरह भड़के डोनाल्ड ट्रंप ने न केवल महिला पत्रकार पर व्यक्तिगत टिप्पणियां कीं, बल्कि उन्हें अपमानजनक शब्द कहते हुए 'धोखेबाज' और 'मूर्ख' तक कह डाला। विवाद इतना बढ़ गया कि ट्रंप ने अंत में अपना माइक खींचकर हटा दिया और बातचीत को बीच में ही अधूरा छोड़कर वहां से उठकर चले गए। इस पूरे नाटकीय घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    जानकारी के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप एनबीसी न्यूज के चर्चित कार्यक्रम 'मीट द प्रेस' के लिए वरिष्ठ एंकर क्रिस्टन वेल्कर को इंटरव्यू दे रहे थे। बातचीत के दौरान जब महिला पत्रकार ने उनसे वर्ष 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में कथित धांधली के दावों पर सवाल दाग दिए और इन आरोपों के समर्थन में पुख्ता सबूत मांगे, तो ट्रंप का पारा चढ़ गया। यहीं से दोनों के बीच तीखी बहस का सिलसिला शुरू हुआ।

    'एंटी-वेपनाइजेशन इनिशिएटिव' और जो बाइडन पर हमला

    यह राजनीतिक विवाद तब और ज्यादा गहरा गया जब पत्रकार ने ट्रंप प्रशासन के प्रस्तावित 1.8 बिलियन डॉलर (लगभग 1,800 करोड़ रुपये) के 'एंटी-वेपनाइजेशन इनिशिएटिव' (Anti-Weaponization Initiative) को लेकर सवाल उठाया। यह विवादित फंड उन लोगों को आर्थिक सहायता और मुआवजा देने के लिए तैयार किया जा रहा है, जिनका मानना है कि पिछले प्रशासन ने राजनीतिक द्वेष के चलते उन्हें अनुचित तरीके से निशाना बनाया था। इस विषय पर अपनी सरकार का बचाव करते हुए ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन की कड़े शब्दों में आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि बाइडन सरकार के दौरान कई निर्दोष लोगों के खिलाफ फर्जी कार्रवाई की गई, जिससे उनका रोजगार छिन गया और उनकी पूरी जिंदगी तबाह हो गई।

    कैलिफोर्निया चुनाव और धीमी मतगणना पर खड़े किए सवाल

    जब पत्रकार ने ट्रंप से इन सभी गंभीर आरोपों के समर्थन में कानूनी प्रमाण या दस्तावेज पेश करने को कहा, तो ट्रंप ने बात को घुमाते हुए वर्ष 2020 के चुनाव और हाल ही में कैलिफोर्निया में हुई वोटों की गिनती का मुद्दा उठा दिया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रक्रियाओं में आज भी गंभीर गड़बड़ियां की जा रही हैं और मतदान खत्म होने के कई दिनों बाद तक मतगणना का जारी रहना गहरी साजिश और संदेह को पैदा करता है। ट्रंप ने कैमरे के सामने दावा किया कि उनके पास अपने दावों को सच साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं और अमेरिका में चुनाव व्यवस्था निष्पक्ष नहीं रह गई है।

    मीडिया को बताया पक्षपाती और बीच में ही छोड़ दिया इंटरव्यू

    जब पत्रकार क्रिस्टन वेल्कर ने चुनाव अधिकारियों के आधिकारिक बयानों का हवाला देते हुए ट्रंप को टोकने की कोशिश की और बताया कि धीमी मतगणना के पीछे पूरी तरह से प्रशासनिक व तकनीकी कारण थे, तो ट्रंप ने इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया। इसके बाद वे पूरी तरह से भड़क गए और मीडिया की निष्पक्षता पर ही उंगली उठाते हुए एनबीसी सहित कई बड़े समाचार संस्थानों को 'बिकाऊ और धोखेबाज' कह डाला। ट्रंप ने आरोप लगाया कि मुख्यधारा का मीडिया पूरी तरह एकतरफा रवैया अपनाता है और जनता के सामने कभी पूरी सच्चाई नहीं आने देता।

    जब पत्रकार ने खुद को निष्पक्ष बताते हुए ट्रंप की टिप्पणियों का कड़ा विरोध किया, तो ट्रंप ने उनकी बात बीच में ही काट दी और कहा कि वह या तो सच देखना नहीं चाहतीं या फिर वास्तविक स्थिति को समझने के लायक ही नहीं हैं। आखिरकार, अत्यधिक गुस्से में आकर ट्रंप ने बातचीत को वहीं समाप्त करने का एलान कर दिया। उन्होंने अपने कोट से माइक हटाया, उसे नीचे रखा और कहा, "बस अब बहुत हुआ, हमें यह इंटरव्यू यहीं खत्म कर देना चाहिए।" पत्रकार ने उनसे बार-बार बातचीत पूरी करने और सीट पर बने रहने का आग्रह किया, लेकिन ट्रंप ने इसे पूरी तरह अनसुना कर दिया। उन्होंने चलते-चलते मीडिया की भूमिका पर एक बार फिर तंज कसा और अपनी सीट से उठकर तेजी से कमरे से बाहर चले गए।

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