नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस और 'इंडिया' ब्लॉक ने अपना राजनीतिक अभियान और तेज कर दिया है। इसी बीच, केरल सरकार ने ज्ञानेश कुमार के राज्य में अधिकारी रहने के दौरान के एक कथित रिश्वत मामले में विजिलेंस जांच के आदेश देकर इस पूरे विवाद को नया मोड़ दे दिया है। मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष पहले से ही उनके खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए है।
कांग्रेस आलाकमान की दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक अहम बैठक बुलाई है, जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन सहित कई शीर्ष पदाधिकारियों के शामिल होने की संभावना है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे दीपावली मिलन समारोह का नाम दिया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें सीईसी के खिलाफ भावी रणनीति तय की जाएगी। संसद के आगामी सत्र के दौरान विपक्ष 'इंडिया' ब्लॉक के बैनर तले इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने और सीईसी को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
रामलीला मैदान में विपक्षी दलों की महारैली
इससे पहले विपक्षी दलों ने 31 अक्तूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ एक प्रतीकात्मक सार्वजनिक महाभियोग का आयोजन किया था। इसके अगले ही दिन, 1 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में एक विशाल रैली निकालकर चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन किया गया था और सीईसी के इस्तीफे की मांग दोहराई गई थी।
केरल में 2 करोड़ रुपये की रिश्वत का आरोप
केरल के विजिलेंस और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। यह मामला उस समय का है जब वे राज्य में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सचिव पद पर तैनात थे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने सड़क निर्माण परियोजना से जुड़े एक कार्य के सिलसिले में 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी।
पूर्व ठेकेदार ने दर्ज कराई शिकायत
यह शिकायत 'पैटीबेल' कंपनी से जुड़े पूर्व ठेकेदार साजन वी.ओ. द्वारा दर्ज कराई गई है, जो केरल राज्य परिवहन परियोजना में सड़क निर्माण का काम करती थी। विजिलेंस निदेशक मनोज अब्राहम ने 'स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट-1' को इस मामले की गहराई से जांच करने और 2007 की पुरानी फाइल जांच से जुड़े सभी दस्तावेजों और बयानों की दोबारा समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।



