मुंबई। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली अपनी शानदार बल्लेबाजी के लिए पूरी दुनिया में 'रन मशीन' के नाम से मशहूर हैं। हालाँकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके नाम गेंदबाजी का भी एक ऐसा अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है, जिससे बहुत कम लोग वाकिफ हैं। विराट कोहली टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बिना कोई वैध (लीगल) गेंद फेंके, यानी शून्य गेंद पर विकेट हासिल करने वाले दुनिया के इकलौते गेंदबाज हैं। क्रिकेट इतिहास में यह आज भी एक दुर्लभ और अप्रत्याशित कीर्तिमान माना जाता है।
क्या होती है 'शून्य गेंद' और कैसे मिलता है विकेट?
क्रिकेट नियमों के अनुसार, यदि कोई गेंदबाज अपने ओवर की शुरुआत में ही वाइड या नो-बॉल जैसी अवैध गेंद फेंकता है, तो उसे ओवर की वैध गेंदों की गिनती में शामिल नहीं किया जाता। आमतौर पर ऐसी अवैध गेंदों पर खेल अतिरिक्त रन के साथ आगे बढ़ता है, किंतु यदि इसी गेंद पर बल्लेबाज रन आउट या स्टंप आउट हो जाता है, तो गेंदबाज के खाते में बिना कोई वैध गेंद दर्ज हुए ही विकेट जुड़ जाता है।
2011 में केविन पीटरसन को किया था शिकार
यह ऐतिहासिक घटना वर्ष 2011 में भारत के इंग्लैंड दौरे के दौरान मैनचेस्टर में खेले गए एक टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में घटी थी। तत्कालीन भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अचानक विराट कोहली को गेंदबाजी सौंप दी। विराट अपने ओवर की पहली गेंद फेंकने आए और सामने इंग्लैंड के आक्रामक बल्लेबाज केविन पीटरसन थे। विराट ने लेग साइड पर एक वाइड गेंद फेंकी, जिस पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में पीटरसन क्रीज से बाहर निकल आए।
धोनी की फुर्ती से बना अनोखा रिकॉर्ड
गेंद पीटरसन को चकमा देती हुई सीधे विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के दस्तानों में गई और उन्होंने पलक झपकते ही स्टंपिंग कर दी। अंपायर ने उस गेंद को 'वाइड' करार दिया, जिससे ओवर की पहली वैध गेंद की गिनती तो शुरू नहीं हुई, लेकिन भारत को एक वैध विकेट मिल गया। इस प्रकार, विराट कोहली के टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला विकेट बिना कोई वैध गेंद फेंके ही इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया।


