गांधीनगर। दिवाली और गुजराती नववर्ष के पावन अवसर से पहले गुजरात के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर आ सकती है। गुजरात राज्य कर्मचारी समन्वय समिति ने राज्य सरकार से 9 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी को आधिकारिक पत्र भेजा गया है। यदि सरकार इस मांग को स्वीकार कर लेती है, तो कर्मचारियों को त्योहारों के दौरान लगातार छुट्टियों का लाभ मिल सकेगा।
यातायात और तैयारियों की सहूलियत के लिए मांग
सरकारी कैलेंडर के अनुसार, 10 नवंबर को गुजराती नववर्ष और 11 नवंबर को भाई दूज की सार्वजनिक छुट्टी पहले से निर्धारित है। हालांकि, इससे ठीक एक दिन पहले 9 नवंबर को कार्यदिवस होने के कारण दूर-दराज के जिलों से आकर काम करने वाले कर्मचारियों को अपने पैतृक गांव या घर जाने में भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। समिति का कहना है कि 9 नवंबर को अवकाश घोषित होने से कर्मचारी बिना किसी जल्दबाजी या मानसिक तनाव के परिवार के साथ त्योहार मना सकेंगे।
विकल्प और प्रशासनिक निर्णय पर टिकीं निगाहें
समिति ने सरकार को सुझाव दिया है कि प्रशासनिक कामकाज को प्रभावित होने से बचाने के लिए 9 नवंबर के बदले किसी अन्य शनिवार या अवकाश के दिन कार्यालय खोलकर काम पूरा किया जा सकता है। पूर्व में भी राज्य सरकार त्योहारों के बीच पड़ने वाले कार्यदिवसों पर ऐसी व्यवस्था लागू कर चुकी है। सामान्य प्रशासन विभाग स्तर पर इस मांग को लेकर विचार-विमर्श जारी है, हालांकि अभी तक कोई अंतिम आधिकारिक फैसला नहीं आया है। फिलहाल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों की निगाहें मुख्यमंत्री के निर्णय पर टिकी हैं।


