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    अस्पताल में स्टॉफ न होने पर गार्ड बना फरिश्ता, घायल की बचाई जान

    छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तामिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लापरवाही का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां शनिवार देर रात सड़क हादसे में घायल युवक का इलाज वहां तैनात गार्ड ने किया। युवक के इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में डॉक्टर, नर्स या अन्य कोई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था। अस्पताल के सुरक्षा गार्ड ने ही मरीज को मलम पट्टी लगाकर प्राथमिक उपचार किया।

    हादसे में घायल हुआ युवक

    जानकारी के अनुसार तामिया निवासी दो युवक रात में मोटर साइकिल से घर लौट रहे थे। इसी दौरान सड़क पर अचानक कुत्ता आने से उनकी बाइक स्लिप हो गई। जिस कारण से एक युवक को गंभीर चोट आई। जिसके बाद परिजन और स्थानीय लोग युवक को लेकर तुरंत तामिया सामुदियक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे।

    आधे घंटे तक नहीं मिला कोई डॉक्टर

    परिजनों का आरोप है कि घायल युवक को अस्पताल लाने के बाद करीब आधे घंटे तक वहां कोई स्टॉफ मौजूद नहीं था। स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल के सुरक्षा गार्ड सतीश भारती ने ही पहल करते हुए युवक को मलम पट्टी लगाई। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल में आए दिन स्टॉफ की अनुपस्थिति बनी रहती है। पूरे अस्पताल की जिम्मेदारी केवल एक गार्ड पर छोड़ दी जाती है।

    परिजनों का आरोप

    घायल युवक के परिजनों का कहना है कि अस्पताल में इलाज की जिम्मेदारी सुरक्षा गार्ड पर छोड़ दी गई है। जब कोई डॉक्टर ही मौजूद नहीं रहता तो मरीजों की जान खतरे में पड़ना स्वाभाविक है। परिजनों ने कहा कि अस्पताल में यह अक्सर होता है कि रात के समय स्टॉफ मौजूद नहीं रहता है।

    क्या कहा गार्ड ने

    गार्ड ने कहा कि मैंने केवल मानवता के कारण घायल की मलम पट्टी की। जिस समय युवक को अस्पताल लाया गया था उस समय अस्पताल में कोई स्टॉफ मौजूद नहीं था। वहीं, परिजनों का कहना है कि हम आधे घंटे तक डॉक्टर का इंतजार करते रहे लेकिन कोई डॉक्टर नहीं मिला।

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