भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र की तारीखों और संपूर्ण कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। राज्य की 16वीं विधानसभा का द्वादश सत्र आगामी 7 दिसंबर से आरंभ होकर 11 दिसंबर 2026 तक संचालित होगा। राज्यपाल मंगूभाई पटेल द्वारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए विधानसभा का यह सत्र आहूत करने का औपचारिक आदेश जारी किया गया है। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय की ओर से शुक्रवार, 6 नवंबर को अधिसूचना भी प्रकाशित कर दी गई है। यह पांच दिवसीय महत्वपूर्ण सत्र भोपाल स्थित विधानसभा भवन में सोमवार सुबह 11 बजे से प्रारंभ होगा।
पांच दिवसीय सत्र का विस्तृत कार्यक्रम और कार्यसूची
विधानसभा सचिवालय के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा द्वारा जारी की गई आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस पांच दिवसीय शीतकालीन सत्र के दौरान कुल पांच बैठकें आयोजित की जाएंगी। सत्र की संपूर्ण अवधि में प्रश्नकाल और शासकीय कार्य प्रमुख रूप से शामिल किए गए हैं। सत्र के पहले दिन 7 दिसंबर (सोमवार) को प्रश्नकाल के उपरांत शासकीय कामकाज होगा। इसके पश्चात 8 दिसंबर (मंगलवार), 9 दिसंबर (बुधवार) और 10 दिसंबर (गुरुवार) को भी निर्धारित नियमानुसार प्रश्नकाल और शासकीय कार्य संपन्न किए जाएंगे। सत्र के अंतिम दिन यानी 11 दिसंबर (शुक्रवार) को कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी, जिसके बाद दोपहर डेढ़ बजे तक शासकीय कार्य निपटाए जाएंगे और तत्पश्चात अंतिम चरण में अशासकीय कार्यों को सूचीबद्व किया गया है।
अनुपूरक बजट और नए विधेयकों की संभावना
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि दिसंबर माह में आयोजित होने वाले इस संक्षिप्त सत्र के दौरान राज्य सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष का अनुपूरक बजट सदन के पटल पर प्रस्तुत किया जा सकता है। इसके साथ ही विभिन्न प्रशासनिक विभागों से जुड़े नवीन विधेयकों तथा मौजूदा अधिनियमों में संशोधन से संबंधित प्रस्तावों को भी सदन में लाए जाने की पूरी संभावना है। हालांकि, अनुपूरक बजट और विधेयकों के संबंध में अंतिम कार्यसूची सत्र की शुरुआत से पहले स्पष्ट कर दी जाएगी। विधायी एवं वित्तीय कामकाज की दृष्टि से यह पांच दिवसीय समयावधि काफी अहम साबित होगी, जिसके मद्देनजर सभी संबंधित विभागों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
प्रशासनिक तैयारियां और राजनीतिक सरगर्मी
सत्र की अधिसूचना जारी होने के साथ ही विधानसभा सचिवालय ने अपनी आंतरिक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है। सभी माननीय विधायकों को विधिवत सत्र की सूचना प्रेषित कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, इस सत्र की औपचारिक जानकारी मुख्य सचिव, समस्त संभागायुक्तों, जिला कलेक्टरों, भोपाल पुलिस आयुक्त, लोकसभा एवं राज्यसभा के महासचिवों तथा भारत निर्वाचन आयोग सहित तमाम प्रमुख विभागों और संस्थाओं को भी भेज दी गई है। राजनीतिक दृष्टिकोण से भी यह सत्र बेहद संवेदनशील और हंगामेदार रहने के आसार हैं, क्योंकि जहां एक ओर विपक्ष जनहित और प्रदेश से जुड़े तमाम मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष भी अपने नीतिगत फैसलों और विकास कार्यों के जरिए अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।


