अलवर में कृषि अभियान: ‘आपणो खेत-आपणी खाद’ से मृदा स्वास्थ्य सुधार पर फोकस
अलवर। जिले में मृदा स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा ‘आपणो खेत-आपणी खाद’ अभियान 30 अप्रैल तक संचालित किया जाएगा। इस अभियान के तहत जिलेभर में ग्राम एवं ग्राम पंचायत स्तर पर कुल 281 कृषक गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा।
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक पी.सी. मीना ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों के विकल्प के रूप में देशी खाद और जैविक उपायों को बढ़ावा देना है। इसके तहत कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट, हरी खाद और जैव उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।
जैविक और प्राकृतिक खेती पर जोर
उन्होंने बताया कि ढैंचा, ग्वार (चंवला) जैसी हरी खाद के माध्यम से मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार कर पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी। साथ ही फसल अवशेष प्रबंधन को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
अभियान के तहत किसानों को जैविक और प्राकृतिक खेती की विधियों जैसे बीजामृत, जीवामृत, घनजीवमृत, पंचगव्य और वर्मी कम्पोस्ट को स्वयं तैयार कर उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
संतुलित उर्वरक उपयोग के निर्देश
किसानों को डीएपी और यूरिया के विकल्प के रूप में एसएसपी, एनपीके और टीएसपी उर्वरकों के संतुलित उपयोग की जानकारी दी जाएगी। साथ ही मिट्टी की जांच और सॉयल हेल्थ कार्ड के आधार पर उर्वरकों के प्रयोग के लिए भी जागरूक किया जाएगा।
कृषि विभाग का यह अभियान किसानों को टिकाऊ खेती की ओर प्रेरित करने और भूमि की उर्वरता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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