अलवर में इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन विकास पर मंथन, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताई असीम संभावनाएं
अलवर। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव एवं राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने रविवार को अलवर मिनी सचिवालय स्थित कलक्ट्रेट सभागार में अलवर लोकसभा क्षेत्र के करीब 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, बजट घोषणाओं एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अलवर, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ जिलों से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों को विकास कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में वन राज्यमंत्री संजय शर्मा, तिजारा विधायक महंत बालकनाथ, रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह, स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव रवि जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सड़क और परिवहन परियोजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि अलवर संसदीय क्षेत्र को औद्योगिक, पर्यटन और निवेश के दृष्टिकोण से विकसित करने के लिए मजबूत सड़क नेटवर्क बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को पनियाला-बड़ोदामेव एक्सप्रेस-वे, एनएच-921 सुदृढ़ीकरण, एनएच-248ए कॉरिडोर, भरतपुर-अलवर फोरलेन, नीमराना-भिवाड़ी लिंक रोड, रेवाड़ी-टपूकड़ा-केएमपी बाईपास, अलवर-बहरोड़-नारनौल रोड और स्टेट हाईवे-111ए सहित विभिन्न सड़क परियोजनाओं को प्राथमिकता से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सड़क नेटवर्क मजबूत होने से उद्योग, व्यापार और पर्यटन को नई गति मिलेगी तथा क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
रेलवे और सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS), अलवर रेलवे स्टेशन पुनर्विकास, आधुनिक बस स्टैंड निर्माण, 50 ई-बसों के संचालन तथा किशनगढ़बास क्षेत्र में एयर स्ट्रिप और एमओआर निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
पेयजल परियोजनाओं और औद्योगिक विकास पर फोकस
बैठक में अलवर-भरतपुर चंबल मेगा पेयजल परियोजना, रामजल सेतु योजना, यमुना लिंक प्रोजेक्ट और रूपारेल नदी पुनरुद्धार परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में पेयजल समस्या का स्थायी समाधान सरकार की प्राथमिकता है और सभी जल परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
उन्होंने भिवाड़ी, नीमराना और अलवर के औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के निर्देश देते हुए कहा कि खुशखेड़ा-भिवाड़ी-नीमराना इन्वेस्टमेंट रीजन और नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास क्षेत्र की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पर्यटन विकास को नई दिशा देने पर मंथन
बैठक में अलवर को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की रणनीति पर भी चर्चा की गई। केंद्रीय मंत्री ने बाबा भर्तृहरि नाटक मंचन को नाइट टूरिज्म से जोड़ने, बाबा मोहनराम मंदिर कॉरिडोर विकास, भूरासिद्ध महाराज क्षेत्र विकास तथा कांकवाड़ी, कुशालगढ़-टहला, प्रतापगढ़, अजबगढ़, नीमराना और तिजारा फोर्ट को टूरिस्ट सर्किट के रूप में विकसित करने की योजना पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि अलवर में धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिनका बेहतर उपयोग कर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल सुविधाओं के विस्तार पर जोर
बैठक में अलवर मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल की बेड क्षमता वृद्धि, रामगढ़ उप जिला अस्पताल उन्नयन, भिवाड़ी में राजकीय अस्पताल एवं क्रिटिकल केयर ब्लॉक निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गई।
शिक्षा क्षेत्र में राजगढ़, बहरोड़ और खैरथल में केंद्रीय विद्यालय, हल्दीना में सैनिक स्कूल, मत्स्य विश्वविद्यालय में नई स्ट्रीम शुरू करने तथा आईटीआई संस्थानों में नए तकनीकी ट्रेड जोड़ने पर चर्चा हुई।
खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए खैरथल में कुश्ती अकादमी, इंदिरा गांधी स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक एवं हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान निर्माण तथा भिवाड़ी स्टेडियम परियोजना को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
स्वच्छता और वेस्ट मैनेजमेंट पर विशेष जोर
बैठक में अलवर और भिवाड़ी में इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान की समीक्षा की गई। अधिकारियों को 31 मई तक प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृतियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता गतिविधियां तथा मेकेनाइज्ड क्लीनिंग पर विशेष ध्यान देना होगा।
उन्होंने कहा कि अलवर में इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं हैं और 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य क्षेत्र को नई पहचान देंगे।
राजीविका महिला समूहों के उत्पादों की सराहना
बैठक से पहले केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मिनी सचिवालय में राजीविका महिला समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का निरीक्षण किया। उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार हस्तनिर्मित उत्पादों की सराहना करते हुए उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित किया।
इस दौरान जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला, जिला प्रमुख बलबीर सिंह छिल्लर, पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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