विधानसभा में बोले मंत्री जोगाराम पटेल – न्यायालय स्थापना की प्रक्रिया सतत, वर्तमान सरकार ने दो साल में खोले कई नए कोर्ट
मिशनसच न्यूज, जयपुर। विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि खानपुर में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय (ए.सी.जे.एम.) खोलने का निर्णय उच्च न्यायालय की सहमति प्राप्त होने के पश्चात् गुणावगुण के आधार पर लिया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस संबंध में एक बार पुनः उच्च न्यायालय से निवेदन किया जाएगा।
मंत्री पटेल प्रश्नकाल के दौरान विधायक सुरेश गुर्जर द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों से नए न्यायालय खोलने के प्रस्ताव प्राप्त होते हैं, जिन्हें उच्च न्यायालय को भेजा जाता है। उच्च न्यायालय से स्वीकृति मिलने के बाद ही आवश्यकताओं एवं औचित्य के आधार पर नए न्यायालयों की स्थापना की जाती है। यह एक सतत प्रक्रिया है।
उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार के पांच वर्षों के कार्यकाल में केवल 2 जिला न्यायालय, एक मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय, 5 पॉक्सो कोर्ट और एक एसीबी कोर्ट स्थापित किए गए थे। वहीं वर्तमान सरकार ने मात्र दो वर्षों में 8 जिला न्यायालय, 8 मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय, 5 पॉक्सो कोर्ट और 7 एसीबी कोर्ट स्थापित कर न्यायिक ढांचे को सुदृढ़ करने का कार्य किया है।
मंत्री ने लिखित जवाब में जानकारी दी कि विगत दो वर्षों में राज्य सरकार द्वारा 2 वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय स्थापित किए गए हैं। उनका विवरण सदन के पटल पर रखा गया है।
उन्होंने बताया कि खानपुर में वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय की स्थापना का प्रस्ताव राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा 8 दिसंबर 2016 को राज्य सरकार को भेजा गया था। साथ ही खानपुर में ए.डी.जे./कैम्प कोर्ट की स्थापना का प्रस्ताव वर्तमान में उच्च न्यायालय की समिति के समक्ष विचाराधीन है।
मंत्री ने कहा कि न्यायिक सुविधाओं के विस्तार से आमजन को त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
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