राजस्थान पुजारी महासंघ, अलवर द्वारा नागेश्वर महादेव मंदिर में सहस्त्रधारा अभिषेक का आयोजन किया गया। रुद्राभिषेक और रुद्री पाठ के माध्यम से विश्व शांति और राष्ट्रहित की कामना की गई।
मिशनसच न्यूज, अलवर। राजस्थान पुजारी महासंघ, अलवर द्वारा आज नागेश्वर महादेव मंदिर, पोस्ट ऑफिस के पास, एक दिव्य और धार्मिक वातावरण में सहस्त्रधारा अभिषेक का आयोजन किया गया। इस विशेष आयोजन का उद्देश्य विश्व शांति, विश्व कल्याण एवं राष्ट्रहित के लिए सामूहिक प्रार्थना और वैदिक ऊर्जा के माध्यम से वातावरण को सकारात्मक बनाना रहा।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए संघ के पंडित विवेकानंद शर्मा ने बताया कि यह आयोजन राजस्थान पुजारी महासंघ के तत्वावधान में सभी पुजारियों द्वारा वैदिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ संपन्न किया गया।
पवित्र मंत्रोच्चार और रुद्री पाठ का गूंजा वातावरण
इस धार्मिक अनुष्ठान में पंडित केशव शर्मा, पंडित रामानंद गुरु, पंडित अंगद शर्मा, पंडित विवेकानंद शर्मा, और पंडित मोनू शर्मा ने मिलकर रुद्राभिषेक और रुद्री पाठ किया। पूरी प्रक्रिया सहस्त्रधारा विधि से की गई, जिसमें हजारों जलधाराओं द्वारा भगवान शिव का अभिषेक किया गया।
मंदिर परिसर में ओंकार की ध्वनि और वेदों के मंत्रों की गूंज ने समस्त वातावरण को आध्यात्मिकता से परिपूर्ण कर दिया। इस पावन आयोजन में शिव भक्तों के साथ-साथ अनेक स्थानीय श्रद्धालु भी शामिल हुए।
पुजारी संघ की एकजुटता और समर्पण
इस आयोजन में पुजारी महासंघ के योगानंद शर्मा, देवराज शर्मा, बालकिशन शर्मा, राजेंद्र आचार्य, अनिल शर्मा, रघुवीर स्वामी सहित अन्य सभी सदस्यगण भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने समर्पण और सेवा भावना से आयोजन को सफल बनाने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।
पंडित विवेकानंद शर्मा ने कहा कि – “ऐसे धार्मिक आयोजनों से न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है, बल्कि समाज में सकारात्मकता, एकता और शांति का संदेश भी जाता है। हम सबका उद्देश्य है कि पूजा-पाठ को केवल परंपरा नहीं बल्कि राष्ट्रहित का एक माध्यम बनाया जाए।”
राष्ट्रीय एकता और धार्मिक जागरूकता का संदेश
राजस्थान पुजारी महासंघ का यह प्रयास ना केवल धार्मिक था, बल्कि सामाजिक चेतना और राष्ट्र के प्रति आस्था को जाग्रत करने वाला भी रहा। सहस्त्रधारा जैसे आयोजन यह दर्शाते हैं कि सनातन परंपरा के माध्यम से भी हम राष्ट्र को सशक्त बना सकते हैं।
कार्यक्रम का समापन शिव महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।


