भय मुक्त वातावरण पर जोर, एंटी रैगिंग कानूनों की दी जानकारी
कठूमर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अलवर के निर्देशानुसार रिंगसपुरा गांव में रैगिंग मुक्त परिसर, भय मुक्त शिक्षा एवं एंटी रैगिंग जागरूकता अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर सुरक्षित एवं रैगिंग मुक्त वातावरण तैयार करना तथा विद्यार्थियों, महिलाओं एवं बच्चियों को रैगिंग, उत्पीड़न एवं मानसिक प्रताड़ना के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम का आयोजन अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनंत भंडारी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अलवर मोहनलाल सोनी के निर्देशानुसार एक्शन प्लान के तहत किया गया। इस दौरान ग्रामीणों एवं प्रतिभागियों को रैगिंग और मानसिक उत्पीड़न से होने वाले मानसिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में बताया गया कि शैक्षणिक संस्थानों में रैगिंग पूर्णतः प्रतिबंधित एवं दंडनीय अपराध है। रैगिंग करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ निलंबन, निष्कासन तथा पुलिस कार्रवाई सहित कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। साथ ही एंटी रैगिंग समिति, हेल्पलाइन नंबर एवं शिकायत निवारण तंत्र की जानकारी भी दी गई।
ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा गया कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, डराने-धमकाने या अनुचित व्यवहार की सूचना तुरंत संबंधित संस्था अथवा हेल्पलाइन पर दें। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने रैगिंग मुक्त एवं सुरक्षित वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर ग्राम विकास अधिकारी आकाश रोहिल्ला, प्रशासक गंगा देवी, प्रधानाध्यापक टीकम चंद कोली, सुशीला, रेखा, हेमलता, श्रीमती संजू मीना, होतीलाल रिंगसपुरा, मनीराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों, महिलाओं एवं बच्चियों में एंटी रैगिंग एवं सुरक्षित वातावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का सकारात्मक संदेश दिया गया।
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