इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) का पहला क्वालिफायर महामुकाबला मंगलवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच खेला जाएगा। इस बेहद रोमांचक मैच की मेजबानी धर्मशाला का खूबसूरत हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम करने जा रहा है। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो पहले क्वालिफायर के मंच पर बेंगलुरु का इतिहास काफी दमदार रहा है। आरसीबी की टीम ने लीग के इतिहास में अब तक कुल तीन बार क्वालिफायर-1 खेलने का गौरव हासिल किया है।
पहले क्वालिफायर में बेंगलुरु का पुराना ट्रैक रिकॉर्ड
साल 2011: आरसीबी ने पहली बार क्वालिफायर-1 में कदम रखा था, हालांकि उस मुकाबले में उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
साल 2016: टीम ने अंक तालिका के टॉप-2 में रहते हुए दोबारा इस नॉकआउट मैच में जगह बनाई। इस बार बेंगलुरु ने शानदार खेल दिखाते हुए गुजरात लायंस को पटखनी दी और फाइनल का टिकट कटाया था।
साल 2025 (पिछला सीजन): तीसरी बार आरसीबी पिछले साल इस मुकाम पर पहुँची थी। कप्तान रजत पाटीदार के नेतृत्व में टीम ने पंजाब किंग्स को धूल चटाकर सीधे फाइनल में प्रवेश किया था।
कुल मिलाकर, बेंगलुरु ने अब तक खेले तीन क्वालिफायर-1 मैचों में से दो में जीत दर्ज की है, जबकि सिर्फ एक बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा है।
चार बार फाइनल का सफर, पिछले साल खत्म हुआ था सूखा
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने आईपीएल के इतिहास में अब तक चार बार खिताबी मुकाबले (फाइनल) में जगह बनाई है, जिसमें से वे एक बार चैंपियन बनने में कामयाब रहे हैं। पिछले यानी 2025 के सीजन में बेंगलुरु ने अपने 18 साल के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए पहली बार चमचमाती आईपीएल ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था। मौजूदा 2026 के सीजन में भी यह टीम उसी डिफेंडिंग चैंपियन वाले अंदाज में क्रिकेट खेल रही है। इस साल आरसीबी का बैटिंग और बॉलिंग लाइन-अप बेहद संतुलित और मजबूत नजर आ रहा है।
पॉइंट्स टेबल में नंबर-1 बनकर किया क्वालीफाई
इस सीजन में डिफेंडिंग चैंपियन आरसीबी का दबदबा शुरुआत से ही देखने को मिला। ग्रुप स्टेज के मैचों में बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत टीम अंक तालिका में शीर्ष पायदान पर रहते हुए पहले क्वालिफायर में पहुँची है। टीम की ताकत उनके ओपनर्स रहे हैं—शीर्ष क्रम में विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल ने विरोधी गेंदबाजों की जमकर क्लास ली है। विशेषकर विराट कोहली अद्भुत फॉर्म में हैं और इस सीजन में अब तक 557 रन कूट चुके हैं।
इसके अलावा, प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनते ही वेंकटेश अय्यर ने भी बल्ले से गहरा प्रभाव छोड़ा है, जबकि कप्तान रजत पाटीदार संकटमोचक बनकर उभरे हैं। पारी के अंतिम ओवरों में टिम डेविड ने फिनिशर की जिम्मेदारी बखूबी संभाली है। गेंदबाजी की बात करें तो भुवनेश्वर कुमार की कप्तानी वाले अटैक ने विपक्षी बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर किया है। भुवनेश्वर इस सीजन में अब तक 24 विकेट चटका चुके हैं, जिन्हें जोश हेजलवुड और रसिख सलाम का बेहतरीन साथ मिला है। स्पिन डिपार्टमेंट में सुयश और क्रुणाल पांड्या की जोड़ी ने रनों की गति पर अंकुश लगाने में बड़ी भूमिका निभाई है।


