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    सत्य की राह पर सौम्य सागर महाराज का संदेश, बोले- असत्य के आगे कभी नहीं हारता सत्य

    दशलक्षण पर्व में उत्तम सत्य धर्म की पूजा, मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु; 21 सितंबर को होगी सुगंध दशमी

    अलवर। दिगम्बर जैन धर्मावलम्बियों के चल रहे दशलक्षण पर्व के पांचवें दिन रविवार को उत्तम सत्य धर्म की श्रद्धाभाव से पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर अलवर शहर के दिगम्बर जैन मंदिरों में सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों का दौर शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा और नित्य नियम पूजन कर धर्मलाभ लिया।

    दशलक्षण पर्व के तहत मंदिरों में सुबह धार्मिक कार्यक्रमों के साथ शाम को विद्वानों के प्रवचन, धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं तथा भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है। पर्व के चलते जैन मंदिरों में श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ देखने को मिली।

    जैन पत्रकार महासंघ अलवर के जिला संयोजक हरीश जैन ने बताया कि उत्तम सत्य धर्म के अवसर पर शहर के विभिन्न दिगम्बर जैन मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सुबह करीब 6.30 बजे से श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा और नित्य नियम पूजन शुरू हुआ। स्थानीय जैन भवन में चल रहे जीवन विकास शिविर में भी सुबह से धार्मिक गतिविधियां आयोजित की गईं। शिविर में बाहरी क्षेत्रों से आए श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं।

    सत्य को लेकर मुनि सौम्य सागर का संदेश

    अलवर में वर्षायोग पर विराजमान दिगम्बर जैन संत मुनि सौम्य सागर महाराज ने उत्तम सत्य धर्म की व्याख्या करते हुए कहा कि सत्य भले ही अकेला हो, लेकिन असत्य के आगे कभी हारता नहीं है। उन्होंने कहा कि सत्य व्यक्ति को परेशान कर सकता है, लेकिन सत्य कभी परास्त नहीं होता।

    मुनिश्री ने श्रद्धालुओं से कहा कि ऐसे वचन नहीं बोलने चाहिए, जिनसे किसी का हृदय दुखे। उन्होंने कहा कि तात्कालिक लाभ के लिए झूठ का सहारा लेने से बचना चाहिए। पूर्ण सत्य की प्राप्ति होने पर आत्मा परमात्मा स्वरूप को प्राप्त करती है।

    उन्होंने कहा कि दशलक्षण पर्व आत्मकल्याण का महत्वपूर्ण अवसर है। इन दस दिनों में जैन धर्मावलंबी व्रत, संयम और धार्मिक साधना के माध्यम से अपने भीतर मौजूद कषायों को दूर करने का प्रयास करते हैं। उत्तम सत्य धर्म मनुष्य को जीवन में सत्य, संयम और आत्मशुद्धि की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

    21 सितंबर को सुगंध दशमी

    दशलक्षण पर्व के अंतर्गत 21 सितंबर को सुगंध दशमी का पर्व मनाया जाएगा। इस अवसर पर अनेक श्रद्धालु पूरे दिन उपवास रखकर जिनेन्द्र भगवान की आराधना करेंगे। शाम को जैन मंदिरों में धूप अर्पित करने का धार्मिक कार्यक्रम होगा। इसी दिन उत्तम संयम धर्म की पूजा भी की जाएगी।

    रात्रि जागरण में होंगे भजनों के कार्यक्रम

    सुगंध दशमी के अवसर पर 21 सितंबर की रात स्थानीय बलजी राठौड़ की गली स्थित श्री दिगम्बर जैन अग्रवाल पंचायती मंदिर में रात 8.30 बजे से जागरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें गायक कलाकार भजनों की प्रस्तुति देंगे तथा जिनेन्द्र भगवान का गुणगान किया जाएगा।

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