सिंचाई पानी और ईआरसीपी को लेकर 18 फरवरी को जुटेंगे किसान नेता, गाँगरौली, रमासपुर और हिसामड़ा में ग्रामीणों को पीले चावल बाटे
वैर। कस्बा हलैना में सिंचाई पानी एवं किसानों के विभिन्न मुद्दों को लेकर 18 फरवरी को आयोजित होने वाले किसान सम्मेलन की तैयारियां जोरों पर हैं। किसान नेता इन्दल सिंह जाट ने तहसील वैर के ग्राम गाँगरौली, रमासपुर और हिसामड़ा में जनसंपर्क कर ग्रामीणों को पीले चावल बांटकर सम्मेलन में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
इन्दल सिंह जाट ने कहा कि अभी तक केन्द्र सरकार ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं किया है, जबकि बाणगंगा नदी सूखी पड़ी है और किसान सिंचाई पानी के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने मांग की कि ईआरसीपी के प्रथम चरण में भरतपुर जिले को योजना के तहत पानी मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि खेती की लागत बढ़ने से किसान कर्जदार होते जा रहे हैं और उन्हें फसलों का लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए। जाट ने आरोप लगाया कि ईआरसीपी को केन्द्र सरकार ने लगभग 10 वर्ष पीछे धकेल दिया, जिसके कारण परियोजना की लागत 37 हजार करोड़ से बढ़कर 70 हजार करोड़ रुपये हो गई है। सरकार को इस योजना को समय पर पूरा करना चाहिए।
किसान सम्मेलन में पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन, गुरुनाम सिंह चढूनी (राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी), पूर्व सांसद पंडित रामकिशन तथा किसान नेता इन्दल सिंह जाट सहित कई गणमान्य नेता संबोधित करेंगे। कार्यक्रम 18 फरवरी को प्रातः 10 बजे हलैना के स्वर्गीय गिर्राज सिंह निडर पार्क में आयोजित होगा।
जनसंपर्क अभियान के दौरान मुरारी सरपंच, भीमा शर्मा, राजाराम जाट, धनीराम सैनी (हिसामड़ा), रामेश्वर धाकड़, सुल्तान जाटव, रामलाल जाटव, नाहर सिंह (गाँगरौली), मान सिंह, हरी सिंह, सियाराम, रामखिलाड़ी, पीतम सिंह, मोहन सिंह, यादराम जाट, गोपाल शर्मा, बलराम शर्मा और गंगा राम जाटव सहित अनेक ग्रामीणों ने सम्मेलन में भाग लेने का आश्वासन दिया।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क


