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    Homeधर्म-समाजज्ञान की अभिलाषा कभी समाप्त नहीं होनी चाहिए: आचार्य पुलकसागर महाराज

    ज्ञान की अभिलाषा कभी समाप्त नहीं होनी चाहिए: आचार्य पुलकसागर महाराज

    चातुर्मास प्रवचन में ज्ञान और समता का दिया संदेश, चित्रकूटधाम में 15 अगस्त से होगा ज्ञान गंगा महोत्सव

    भीलवाड़ा। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा आयोजित चातुर्मास के दौरान राष्ट्रसंत मनोज्ञाचार्य पुलकसागर महाराज ससंघ के सानिध्य में सूर्यमहल में धर्म साधना का क्रम जारी है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरु दर्शन और धर्म संदेश का लाभ लेने पहुंच रहे हैं।

    जिनवाणी से आत्मकल्याण का मार्ग

    शुक्रवार को धर्म संदेश देते हुए आचार्य पुलकसागर महाराज ने कहा कि जिनवाणी को केवल सुनना ही नहीं, बल्कि उसे हृदय में उतारना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिनवाणी के श्रवण से आत्मा की प्यास शांत होती है और जीवन का वास्तविक उद्देश्य समझ में आता है। चातुर्मास ऐसा दुर्लभ अवसर है, जिसका लाभ उठाकर व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक बना सकता है।

    उन्होंने कहा कि जब तक मनुष्य अपने आत्मस्वरूप को नहीं पहचानता, तब तक जीवन का मर्म समझ नहीं सकता। आत्मबोध होने पर ही यह समझ आता है कि मनुष्य जन्म क्यों प्राप्त हुआ है।

    ज्ञान की कोई सीमा नहीं होती

    आचार्यश्री ने कहा कि ज्ञान की कोई सीमा नहीं होती। व्यक्ति जीवनभर सीखता रहता है, लेकिन ज्ञान की पूर्णता प्राप्त नहीं हो सकती। इसलिए उम्र चाहे जितनी भी हो जाए, ज्ञान प्राप्ति की अभिलाषा हमेशा बनी रहनी चाहिए। निरंतर ज्ञान अर्जित करने से ही जीवन सार्थक और सफल बनता है।

    समता से जीवन बनता है सहज

    उन्होंने कहा कि जीवन के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए समता का भाव आवश्यक है। जो व्यक्ति समभाव रखता है, वह सुख-दुःख दोनों परिस्थितियों में संतुलित रहता है और कठिन समय का भी सहजता से सामना कर लेता है। समता जीवन को सरल, सहज और शांत बनाती है।

    15 अगस्त से चित्रकूटधाम में ज्ञान गंगा महोत्सव

    श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि कार्यक्रम के प्रारंभ में दीप प्रज्ज्वलन, पाद प्रक्षालन और शास्त्र भेंट का सौभाग्य विमलादेवी, ओमप्रकाश, अशोक कुमार, रविंद्र, जिनेंद्र एवं विनय कांटीवाल परिवार को प्राप्त हुआ।

    समिति के संयोजक मनीष शाह ने बताया कि 14 अगस्त तक सूर्यमहल में प्रतिदिन सुबह 8:30 से 10 बजे तक प्रवचन तथा शाम 7 से 8 बजे तक आनंद यात्रा और आरती का आयोजन किया जा रहा है।

    सह संयोजक लोकेश अजमेरा ने बताया कि चित्रकूटधाम में 15 से 30 अगस्त तक सर्वसमाज के लिए ज्ञान गंगा महोत्सव आयोजित होगा। इसमें प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आचार्य पुलकसागर महाराज के प्रवचनों का श्रवण करेंगे। देश के विभिन्न राज्यों से भी श्रद्धालुओं के भीलवाड़ा पहुंचने की संभावना है।

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