जनहित के सवालों से बची भाजपा सरकार, शिक्षा-स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था पर कांग्रेस ने किये सवाल
जयपुर। राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल ने सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था और जनसमस्याओं के मुद्दे पर जमकर घेरा। कांग्रेस के तीखे तेवरों के बीच सरकार द्वारा सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने पर जूली ने भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला।
जूली ने आरोप लगाया कि सरकार जनता के सवालों का सामना करने से बच रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और बिगड़ती कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों पर जवाब देने के बजाय सरकार ने सदन से भागने का रास्ता चुना है। जनहित के सवालों से घबराकर चर्चा छोड़ना सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।
विधानसभा परिसर में फूटा ‘भाजपा के पापों का घड़ा’
इससे पहले विधानसभा परिसर में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने प्रदेश की बदहाल व्यवस्थाओं और प्रशासनिक विफलताओं के खिलाफ अनूठा प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायकों ने अलग-अलग पर्चियों पर जनता की समस्याएं लिखकर उन्हें एक घड़े में डाला।
जब घड़ा जनसमस्याओं की पर्चियों से भर गया तो टीकाराम जूली ने उसे फोड़कर सरकार की नाकामियों के खिलाफ आर-पार के संघर्ष का संदेश दिया। जूली ने कहा कि कांग्रेस के सवालों से घबराने वाली सरकार के ‘पापों का घड़ा’ भर चुका है।
जूली ने कहा कि सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर देने से सरकार की नाकामियां छिपने वाली नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि समय आने पर प्रदेश की जनता सरकार को इसका जवाब देगी।
कल जिस गेट पर रोका, आज उसी गेट से आने दिया
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायक दल ने विपक्षी विधायकों को विधानसभा के गेट पर रोके जाने का मुद्दा भी उठाया। टीकाराम जूली ने सवाल किया कि जिस गेट पर विपक्षी विधायकों को एक दिन पहले रोका गया था, उसी गेट से शुक्रवार को उन्हें विधानसभा में प्रवेश क्यों दिया गया।
उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर पिछले दिन ऐसा कौन-सा नियम था, जिसके तहत विपक्षी विधायकों को रोका गया। जूली ने आरोप लगाया कि सरकार इस सवाल का जवाब देने से बच रही है।
सवालों से बचने के लिए वंदे मातरम् का मुद्दा
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर वास्तविक जनसमस्याओं से ध्यान भटकाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब ‘वंदे मातरम्’ को मुद्दा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का वंदे मातरम् से जुड़ा इतिहास पुराना है और कांग्रेस वर्ष 1938 से इसे गाती आ रही है।
जूली ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल, पंडित जवाहरलाल नेहरू और महात्मा गांधी सहित स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े नेताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस उसी वंदे मातरम् की परंपरा से जुड़ी है, जिसे स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देश के नेताओं ने अपनाया था।
स्कूलों की बदहाली और अस्पतालों की स्थिति पर सरकार को घेरा
टीकाराम जूली ने प्रदेश की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्कूलों की हालत खराब है और अस्पतालों में प्रसूताओं की मौत जैसी गंभीर घटनाएं सामने आ रही हैं। आम लोगों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है और अस्पतालों में दवाइयों की कमी की समस्या भी बनी हुई है।
जूली ने दावा किया कि प्रदेश में करीब 1.25 लाख शिक्षकों के पद खाली हैं। इसके अलावा करीब 4 हजार जर्जर स्कूल और लगभग 85 हजार मरम्मत योग्य कमरे हैं। उन्होंने सवाल किया कि सरकार को शिक्षा व्यवस्था की यह स्थिति क्यों दिखाई नहीं दे रही।
उन्होंने कहा कि सरकार को बच्चों के भविष्य और स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं पर चर्चा करनी चाहिए, लेकिन इन मुद्दों से बचने का प्रयास किया जा रहा है।
बढ़ते अपराध और टूटी सड़कों पर भी सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में आए दिन आपराधिक घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सरकार कानून-व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर चर्चा नहीं करना चाहती।
जूली ने टूटी सड़कों, भारी जाम, सीवरेज और सफाई व्यवस्था की समस्याओं का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आम जनता इन समस्याओं से परेशान है। इसके साथ ही संविदाकर्मियों और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को गंभीरता से चर्चा करनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की मूल समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए दूसरे मुद्दों को आगे कर रही है। जूली ने कहा कि विपक्ष जनता की आवाज सदन में उठाता रहेगा और सरकार को जनहित के सवालों का जवाब देना ही होगा।
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