More
    Homeदेशभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पीएम मोदी की इस्राइल यात्रा को गलत फैसला...

    भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पीएम मोदी की इस्राइल यात्रा को गलत फैसला बताया

    अमेरिका-इस्राइल। कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि अगर पाकिस्तान द्वारा अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच मध्यस्थता कराने की खबरें सही हैं, तो यह भारत के लिए बड़ा झटका और नाकामी की बात है। विपक्षी पार्टी ने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत की सैन्य सफलता के बावजूद, पाकिस्तान की कूटनीतिक सक्रियता और नैरेटिव प्रबंधन मोदी सरकार से काफी बेहतर रहा है।

    कांग्रेस ने सरकार को आड़े हाथों लिया

    कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया की कई रिपोर्ट्स में पाकिस्तान को अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच एक मध्यस्थ बताया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'अगर ये रिपोर्ट्स सही हैं, तो यह भारत के लिए बड़ा झटका है और खुद को विश्वगुरु बताने वालों को करारा जवाब है।' रमेश ने कहा कि पिछले एक साल में यह साफ हुआ है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की कूटनीतिक सक्रियता और वैश्विक स्तर पर अपनी बात रखने की रणनीति भारत से बेहतर रही है। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर से मजबूत होता दिख रहा है।कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि डोनाल्ड ट्रंप ने उस व्यक्ति के साथ नजदीकी दिखाई, जिसकी भड़काऊ बयानबाजी पहलगाम आतंकी हमले का आधार बनी। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने आसिम मुनीर को दो बार व्हाइट हाउस में आमंत्रित किया। जयराम रमेश ने पीएम मोदी की हालिया इस्राइल यात्रा को गलत फैसला बताते हुए कहा कि यह यात्रा उस समय समाप्त हुई, जब अमेरिका-इस्राइल द्वारा ईरान पर हवाई हमले शुरू होने वाले थे, जिससे भारत की संभावित मध्यस्थ की भूमिका कमजोर हुई।

    ट्रंप का दावा- ईरान के साथ बातचीत जारी; तेहरान ने दावा खारिज किया

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अमेरिका एक सम्मानित ईरानी नेता के संपर्क में है और ईरान युद्ध समाप्त करने के लिए समझौते को लेकर इच्छुक है। हालांकि, उन्होंने उस नेता का नाम बताने से इनकार कर दिया। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका मोजतबा खामेनेई से बातचीत नहीं कर रहा है। वहीं, ईरान ने अमेरिका से सीधी बातचीत से इनकार किया है, लेकिन यह माना है कि क्षेत्र के कुछ देश तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तुर्किये, मिस्त्र और पाकिस्तान पिछले कुछ दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान करा रहे हैं। बताया गया कि इन देशों के विदेश मंत्रियों ने अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से अलग-अलग बातचीत की।28 फरवरी से अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर संयुक्त हमले शुरू किए थे, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से संघर्ष पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में फैल गया।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here