पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल, चालान को लेकर बढ़ा विरोध और जांच की मांग
खैरथल। थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा कथित रूप से बिना जांच और बिना सबूत के चालान काटने के मामलों को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। नागरिकों ने आरोप लगाया है कि “टारगेट पूरा करने” के नाम पर अंधाधुंध कार्रवाई की जा रही है, जिससे निर्दोष लोग परेशान हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई मामलों में उन्हें चालान के मैसेज ऐसे समय पर मिले जब वे मौके पर मौजूद ही नहीं थे। जब नागरिकों ने पुलिस से सबूत मांगे, तो स्पष्ट जवाब देने के बजाय उन्हें डांट-फटकार और धमकियों का सामना करना पड़ा।
पुलिस कार्यशैली पर उठे सवाल
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि—
- चालान जारी करने से पहले किसी प्रकार का सत्यापन नहीं किया जा रहा।
- फोटो या वीडियो जैसे प्रमाण उपलब्ध नहीं कराए जा रहे।
- शिकायत करने पर नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है।
इन मामलों को लेकर जिला प्रशासन और उच्च पुलिस अधिकारियों तक कई शिकायतें पहुंच चुकी हैं, जिससे अब पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।
जनता ने की कार्रवाई की मांग
स्थानीय व्यापारियों, छात्रों और आम नागरिकों ने एकजुट होकर इस मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
जनता की प्रमुख मांगों में—
- हर चालान से पहले पूर्ण सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।
- चालान के साथ स्पष्ट सबूत उपलब्ध कराया जाए।
- मनमानी करने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई हो।
- प्रभावित लोगों से लिखित माफी मांगी जाए।
इस बढ़ते जनाक्रोश के बाद पुलिस प्रशासन पर जवाबदेही का दबाव बढ़ गया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
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