ग्राम विकास अधिकारी की भूमिका पर जोर, विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान में सक्रिय भागीदारी का संदेश
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सुशासन से ही राजस्थान समृद्ध बनेगा और इस दिशा में ग्राम विकास अधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास अधिकारी गांव के विकास की आधारशिला हैं, जो अंतिम छोर तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में अहम योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ के अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नागरिक देवो भव’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए ग्राम विकास अधिकारी आमजन की सेवा में समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से देश में बड़ी संख्या में लोग जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हुए हैं। ‘मिशन कर्मयोगी’ के माध्यम से सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाई जा रही है, जिससे विकसित भारत और विकसित राजस्थान के लक्ष्य को साकार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में जल और विद्युत आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए चल रही परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘रामजल सेतु लिंक परियोजना’ जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम किया जा रहा है। वहीं किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि ‘राइजिंग राजस्थान’ पहल से औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिला है और युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। साथ ही प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के जरिए स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम विकास अधिकारी प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, स्वामित्व योजना और अन्य योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही डेयरी, पशुपालन और ‘राजीविका’ के माध्यम से महिला सशक्तीकरण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने आगामी 23 से 25 मई तक आयोजित होने वाली ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे किसानों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिलेगी और खेती को सशक्त बनाया जा सकेगा। साथ ही ‘विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान’ के तहत प्रत्येक गांव और वार्ड के समग्र विकास का खाका तैयार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने ग्राम विकास अधिकारी कैडर के हित में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि पदोन्नति में आ रही बाधाओं को दूर किया गया है, वरिष्ठ ग्राम विकास अधिकारी पद का सृजन किया गया है तथा अनुभव में दो वर्ष की छूट दी गई है। साथ ही ग्रेच्यूटी की सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है।
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी एक-दूसरे के पूरक हैं और गांव के विकास की रीढ़ हैं। उन्होंने सभी से मिलकर राजस्थान को नंबर वन राज्य बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में वीडीओ उपस्थित रहे।
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