अलवर में भक्ति और संस्कृति का संगम, बर्बरीक से श्याम बाबा बनने तक हुआ मंचन
अलवर। अलवर शहर स्थित प्रताप ऑडिटोरियम में श्री परशुराम समिति द्वारा बाबा श्याम के जीवन पर आधारित भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बर्बरीक के जन्म से लेकर शीश के दानी बनने तक की अद्भुत लीला का मंचन किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
पूरे ऑडिटोरियम में “श्याम बाबा की जय” के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। कार्यक्रम के संयोजक मोहित ने बताया कि इस विशेष प्रस्तुति का उद्देश्य लोगों को बाबा श्याम के त्याग, बलिदान और धर्म के प्रति समर्पण से जोड़ना है।
मंचन के दौरान महाभारत काल की घटनाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। इसमें बर्बरीक के पराक्रम, भगवान श्रीकृष्ण के साथ संवाद तथा शीश दान की कथा ने श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया।
कार्यक्रम में करीब 60 कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय, पारंपरिक वेशभूषा, संगीत और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था ने आयोजन को और भव्य बना दिया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर शहर के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, महिलाएं और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को बढ़ावा देने का प्रयास जारी रहेगा।
देर रात तक श्रद्धालु श्याम बाबा की भव्य लीला का आनंद लेते रहे और पूरे आयोजन में भक्तिभाव एवं उत्साह का माहौल बना रहा।
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