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    US-Iran वार्ता को लेकर बड़ा दावा, अगले हफ्ते पाकिस्तान में हो सकती है बातचीत

    अमेरिका-ईरान के बीच समझौते की सुगबुगाहट: पाकिस्तान में हो सकती है निर्णायक वार्ता, ट्रंप को जवाब का इंतजार

    वाशिंगटन/इस्लामाबाद: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव को खत्म करने के लिए स्थायी युद्धविराम (सीजफायर) की कोशिशें तेज हो गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान आज अमेरिकी प्रस्ताव पर अपना आधिकारिक रुख साफ कर सकता है। इसी बीच अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि दोनों देशों के प्रतिनिधि अगले सप्ताह की शुरुआत में पाकिस्तान की धरती पर आमने-सामने बैठकर बातचीत कर सकते हैं।

    इस्लामाबाद में 14 बिंदुओं पर होगा मंथन

    'वॉल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के जरिए एक महत्वपूर्ण मसौदा तैयार किया जा रहा है।

    • 14-सूत्रीय समझौता: दोनों पक्ष एक पन्ने के 14-बिंदुओं वाले 'मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग' (MoU) पर काम कर रहे हैं।

    • लक्ष्य: इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य एक महीने तक चलने वाली शांति प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार करना है, जिससे युद्ध को हमेशा के लिए समाप्त किया जा सके।

    इससे पहले भी पाकिस्तान की मध्यस्थता में दो बार बैठकें हो चुकी हैं। हालांकि वे बैठकें किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुँच सकीं, लेकिन उनके कारण दो सप्ताह का अस्थायी युद्धविराम जरूर लागू हो पाया था।


    व्हाइट हाउस का कड़ा रुख: 'प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लस' की चेतावनी

    व्हाइट हाउस में मीडिया से चर्चा के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "मुझे आज रात ईरान की ओर से एक पत्र मिलने की उम्मीद है। देखते हैं उसमें क्या होता है।" जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान इस प्रक्रिया में देरी कर रहा है, तो उन्होंने कहा कि इसका पता जल्द ही चल जाएगा।

    ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि बातचीत विफल रहती है, तो अमेरिका अपना रुख और कड़ा करेगा। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसी स्थिति में वाशिंगटन 'प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लस' की ओर वापस लौट सकता है, जिसमें ईरान पर और भी सख्त प्रतिबंध और कदम शामिल होंगे।

    यूक्रेन युद्ध पर भी बोले ट्रंप

    ईरान के साथ-साथ ट्रंप ने यूक्रेन के मौजूदा हालात पर भी चिंता जताई। उन्होंने इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की सबसे दुखद घटनाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि वह मौजूदा सीमित युद्धविराम को आगे बढ़ते हुए देखना चाहते हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह विराम तीन दिनों से अधिक खिंच सकता है, तो उन्होंने सकारात्मक जवाब देते हुए कहा कि यह शांति की दिशा में एक अच्छा कदम होगा।

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